पीएचसी में तैनात एक चिकित्सक को डेपुटेशन पर भेजा
अब बड़ाग्राम में नहीं बचा है कोई चिकित्सक, मरीज परेशान
एक दिन की 150 के करीब है पीएचसी की ओपीडी
स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़सर (हमीरपुर)। उपमंडल बड़सर के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ाग्राम में मरीजों को इलाज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि आपात स्थिति में मरीजों को इलाज कराने के लिए 35 किलोमीटर दूर स्थित बड़सर अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 150 के करीब ओपीडी है लेकिन मरीजों का इलाज करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक ही मौजूद नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों हरनाम सिंह, निक्का राम, रणवीर सिंह, प्रकाश चंद, प्रोमिला देवी, उत्तम ठाकुर, अभिषेक आदि ने कहा कि 12 वर्ष पूर्व लोगों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का निर्माण किया गया था ताकि लोगों को घरद्वार पर सुविधाएं मिल सकें। लेकिन, वर्तमान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में रात्रि सुविधाओं के साथ एंबुलेंस की सुविधा नहीं हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत चिकित्सक की ड्यूटी प्रतिनियुक्ति पर चैत्र मेले के लिए दियोटसिद्ध में लगा दी गई है। दूसरी ओर मरीजों के टेस्ट करने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लैब तकनीशियन तो मौजूद हैं, लेकिन जो सैंपल लिए जाते हैं, उन्हें लैब की उचित व्यवस्था न होने पर हमीरपुर भेजा जाता है और रिपोर्ट आने में अधिकतर बार एक हफ्ते तक का समय लग जाता है। ऐसे में मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से समस्या का समाधान करने की मांग की है।
इस बारे में बीएमओ बड़सर बृजेश शर्मा ने कहा कि चैत्र मेले के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ाग्राम के चिकित्सक को प्रतिनियुक्ति पर दियोटसिद्ध में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है। डीसी हमीरपुर के आदेशानुसार अलग-अलग चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि मेलों के दौरान जो भीड़ होती है, उसे संभाला जा सके।