आठ विद्यार्थियों ने प्रथम वर्ष मेें दाखिला लेने के बाद छोड़ा महाविद्यालय
धनेटा कॉलेज के प्राचार्य के पास था महाविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार
पूर्व में भाजपा सरकार और बाद में कांग्रेस सरकार ने की थी महाविद्यालय की अधिसूचना
एक माह के भीतर ही विद्यार्थियों ने छोड़ा महाविद्यालय, गलोड़ स्कूल में चल रही थीं कक्षाएं
बवीता चंदेल
हमीरपुर। दो बार अधिसूचना जारी होने के बाद गलोड़ महाविद्यालय पुन: बंद हो गया है। महाविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में दाखिला लेने वाले आठ विद्यार्थियों ने महाविद्यालय को छोड़ दिया है। ऐसे में महाविद्यालय पूरी तरह से बंद हो गया है। वर्ष 2022 में भाजपा सरकार के कार्यकाल में राजकीय महाविद्यालय गलोड़ की अधिसूचना जारी हुई थी। अधिसूचना में महाविद्यालय में एक प्रधानाचार्य, अंग्रेजी प्रवक्ता, एक इतिहास, एक राजनीति एक विज्ञान, एक हिंदी, एक अर्थशास्त्र, एक लाइब्रेरियन, एक सुपरिंटेंडेंट, एक सीनियर असिस्टेंट, दो जेओए (कांट्रेक्ट पर), तीन चपरासी, दो चौकीदार समेत कुल 16 पद स्वीकृत हुए थे, ताकि विधानसभा क्षेत्र नादौन और आसपास के क्षेत्रों से विद्यार्थियों को पढ़ने के लिए महाविद्यालय की सुविधा मिल सके। लेकिन, कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही महाविद्यालय को डिनोटिफाई करने की अधिसूचना जारी कर दी थी। इसके बाद अभिभावक सरकार से पुन: महाविद्यालय को खोलने की मांग कर रहे थे।
ऐसे में सरकार की ओर से मार्च 2024 में पुन: डिनोटिफाई हुए महाविद्यालय को नोटिफाई करने की अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद राजकीय महाविद्यालय धनेटा के प्राचार्य को महाविद्यालय का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था। महाविद्यालय की कक्षाओं से लेकर दाखिला प्रक्रिया राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गलोड़ में करवाई गई ताकि बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को महाविद्यालय में दाखिला मिल सके। दाखिला प्रक्रिया के दौरान प्राध्यापकों की ओर से आसपास के क्षेत्रों में जाकर अभिभावकों को जागरूक किया गया ताकि महाविद्यालय का संचालन सही रूप से किया जा सके। सत्र के आरंभ में महाविद्यालय के कला संकाय में आठ विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए धनेटा महाविद्यालय से प्राध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन एक माह के भीतर ही आठ विद्यार्थियों ने महाविद्यालय को छोड़कर अन्य संस्थानों में दाखिला ले लिया है। बिना विद्यार्थियों के अब गलोड़ महाविद्यालय पुन: बंद हो गया है। अब विद्यार्थियों के दाखिला लेने के बाद ही महाविद्यालय की संचालन प्रक्रिया शुरू हो पाएगी। इससे पूर्व विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के अंतर्गत आने वाले महाविद्यालय टौणी देवी में भी विद्यार्थियों के न होने के कारण ताला लटक चुका है। अब गलोड़ महाविद्यालय भी इसी प्रकार शून्य छात्र संख्या के चलते बंद हो गया है।
कोट
महाविद्यालय की अधिसूचना होने के बाद आठ विद्यार्थियों ने कला संकाय में दाखिला लिया था। धनेटा महाविद्यालय से प्राध्यापकों को प्रतिनियुक्ति पर गलोड़ महाविद्यालय भेजा जाता था ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े। लेकिन, विद्यार्थियों ने महाविद्यालय को छोड़कर अन्य संस्थानों में दाखिला ले लिया है। इससे महाविद्यालय बंद हो गया है।
प्रो. जीसी राणा, कार्यकारी प्राचार्य, गलोड़ महाविद्यालय।