हमीरपुर/अवाहदेवी। दिवाली की रात पटाखे जलाने से जिले में पांच अग्निकांड हुए हैं। इनमें गोशाला, घास व इमारती लकड़ी जलकर राख हो गई है। करीब 70 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, तीन लोगों के पटाखे फोड़ते वक्त हाथ जले हैं। दिवाली के दिन फोड़े गए पटाखों की चिंगारी से कराड़ा में गोशाला और उसमें रखा घास जल गया है। पीड़ित राकेश कुमार ने बताया कि वीरवार शाम करीब साढ़े सात बजे अचानक पशुशाला में आग लग गई। इससे उसे नुकसान हुआ है। उधर, वार्ड नंबर तीन हमीरपुर के संजीव कुमार की गोशाला में अचानक आग लग गई। इससे करीब 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।
अग्निकांड में घास व इमारती लकड़ी जलकर राख हो गई। वहीं, मुलाणा, बोहणी के विजय कुमार के घास के 100 गट्ठे और मक्की के घास के भी 100 गट्ठे जल गई हैं। दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और साथ लगते रिहायशी मकान को जलने से बचाया। उधर, वार्ड नंबर तीन अणुकलां में प्रीतम चंद के मक्की के घास में आग लग गई। इससे पांच हजार का नुकसान हुआ है। उधर, ग्राम पंचायत समीरपुर के संगरोह गांव में दिवाली की रात एक गोशाला जल कर राख हो गई। ज्ञान चंद पुत्र गणपत राम की गोशाला में रात को करीब 8.30 बजे आग लग गई।
गोशाला के ऊपर धुआं और आग की लपटें देखकर परिवार ने शोर मचाया। शोर सुनकर इकट्ठे हुए ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया, लेकिन गोशाला की दूसरी मंजिल में रखा घास व इमारती लकड़ी जल गई। गनीमत रही कि निचली मंजिल में बंधी गाय को सुरक्षित निकाल लिया गया। पंचायत प्रधान चंद्र मोहन ने बताया कि गांववासियों की सहायता से आग पर काबू पा लिया। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि पीड़ित परिवार को नुकसान का मुआवजा दिया जाए। टौणीदेवी के तहसीलदार डॉ. आशीष शर्मा का कहना है कि इस घटना के बारे में जानकारी मिली है और हलका पटवारी को घटनास्थल पर भेज कर नुकसान का आकलन करवाया जाएगा।
लीडिंग फायरमैन देवेंद्र भाटिया ने कहा कि जिले में तीन जगह अग्निकांड रजिस्टर्ड हुए हैं। इनमें एक जगह गोशाला व दो जगह घास और इमारती लकड़ी जल गई है। जबकि, करीब 16 लाख की संपत्ति को जलने से बचाया है। दो जगह लोगों की ओर से खुद ही आग पर काबू पाने की सूचना है।