हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की बैठक में उपस्थित अध्यापक। स्रोत:संघ
हमीरपुर। प्रदेश अध्यापक संघ की राज्य स्तर की बैठक रविवार को निजी स्कूल में एचजीटीयू के राज्य प्रधान वीरेंद्र चौहान की अध्यक्षता में हुई। इसमें महासचिव तिलक नायक के अलावा संगठन के जिला प्रधान, महासचिव व खंड प्रधानों के अतिरिक्त राज्य कार्यकारिणी में शामिल नए सदस्यों ने भाग लिया। सबसे पहले राजकीय अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी का विस्तार किया गया और इसकी अधिसूचना की जानकारी सभी पदाधिकारियों को दी गई। वर्ष 2023-26 की कार्यकारिणी में पैटर्न के पद पर नागेश्वर पठानिया, पैटर्न मनोहर लाल शर्मा, कृष्ण पराशर, राजेश कौशल, डीपी शर्मा और कोषाध्यक्ष सुनील कुमार शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव ठाकुर, राजेश प्रसाद, मुकेश शर्मा, अश्वनी सिपहिया, नरवीर सिंह चंदेल को शामिल किया गया।
उपाध्यक्ष के पद पर सुरेंद्र मोहन, देव मेहता, नरेंद्र गौरव, रिपन परमार, विक्रम सैनी, शांति स्वरूप, प्रताप सिंह, यशवंत ठाकुर, रणधीर सिंह राणा और चीफ एडवाइजर के पद पर पान चंद ठाकुर, एडवाइजर के पद पर इंदर सिंह ठाकुर, ऋषिपाल शर्मा, गोविंद्र पठानिया, संतोष गुलेरीया और रोहित भारद्वाज को शामिल किया गया। चेयरपर्सन वूमेन विंग में ममता चौधरी का नाम शामिल किया गया। उपाध्यक्ष चेयरपर्सन वूमेन विंग सुशीला मेहता, प्रिया ठाकुर, सुनीता चौहान, प्रेरणा राणा, मीना शर्मा और पवन बाला के नाम को जोड़ा गया। इसी तरह 142 खंडों के प्रधानों को भी राज्य कार्यकारिणी में स्थान दिया गया। बैठक में नए एजेंडे को बनाने पर चर्चा हुई। इसमें सभी जिला प्रधानों ने अपने-अपने जिले से मांगों को प्रमुखता से रखा और एजेंडे में शामिल करने की बात कही। उसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कुछ मांगों को हाउस में रखा और उसको पूरे सदन में ध्वनिमत से पास किया गया। प्रमुखता से 26/4/2010 से पूर्व लगे टीजीटी को मुख्याध्यापक पद पर प्रमोशन की छूट देने और ट्रांसफर पॉलिसी में 30 किलोमीटर की दूरी के स्थान पर पुरानी पॉलिसी को ही हल करने या इस दूरी को कम करने की बात पर प्रस्ताव को पारित किया। इसके अतिरिक्त यात्रा भत्ता में 30 किलोमीटर की शर्त को हटाकर आठ किलोमीटर रखने की बात को भी हाउस ने पास किया। इन सभी मुद्दों को एजेंडे में डाला जाएगा। जिस पर सरकार से बैठक कर इसे हल करवाने का प्रयास किया जाएगा। मेडिकल भत्ते के स्थान पर कैशलेस हेल्थ स्कीम को लागू करने के लिए भी प्रस्ताव पारित किया। यह बात दोहराई कि इसे भी एजेंडे में डाल कर सरकार के समक्ष प्रमुखता से रखा जाए। 4-9-14 टाइम स्केल को 2022 के वेतनमान में जारी रखने की मांग की है। अनुबंध शिक्षक और कर्मचारियों की नियमितीकरण का समय साल में 2 बार करने और अभी जिन कर्मचारियों की शिक्षकों की रेगुलेशन रुकी है, उसे एक अप्रैल से सभी वेतन वित्तीय लाभ सहित देने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग में सभी खाली पदों को पदोन्नतियों और नियमित को चुनाव आचार संहिता हटने के तुरंत बाद भरने की मांग की।