बड़सर (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश में कक्षा छठी से दसवीं तक के दिव्यांग विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए एसएसए के तहत नियुक्त टीजीटी को शिक्षा विभाग अपने अधीन लेकर नियमित करे। समग्र शिक्षा अभियान के तहत वर्ष 2014 में नियुक्त विशेष प्रशिक्षक टीजीटी कला शिक्षकों को स्कूल प्रबंधन समिति के तहत स्कूलों में भर्ती किया गया। जहां अक्षमता से पीड़ित विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए स्पेशल शिक्षक नहीं थे।
इनकी नियुक्ति उस समय टीजीटी कैडर मूल स्केल में 13900 रुपये मासिक मानदेय पर की गई थी, मगर आठ साल सेवाकाल के बाद भी ये शिक्षक नियमित नहीं हो सके हैं और न ही इनको कोई इंक्रीमेंट मिली है। राजकीय टीजीटी कला संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और प्रदेश महासचिव विजय हीर ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत भर्ती इन शिक्षकों को 12262 रुपये मासिक मानदेय एसएसए की ओर से दिया जा रहा है और 1638 रुपये ईपीएफ काटा जा रहा है। ईपीएफ भी सेवा के पहले पांच साल नहीं काटा गया है और ये शिक्षक इस योजना के तय लाभ से पांच साल वंचित रहे। हीर ने कहा कि इन शिक्षकों को प्रारंभिक शिक्षा विभाग करने के अपील संघ ने सरकार को भेजी है, ताकि इनकी सेवाएं प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अधीन लाई जा सकें।