श्रद्धालु न आने से दियोटसिद्ध बाजार में छाया सन्नाटा।
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बिझड़ी (हमीरपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा बालक नाथ मंदिर में रविवार को महज दो हजार श्रद्धालुओं ने ही गुफा के दर्शन करके बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। नववर्ष और उसकी पूर्व संध्या पर बाबा की नगरी में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं ने गुफा के दर्शन किए थे, परंतु एक सप्ताह के भीतर ही ठंड, बारिश और कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण श्रद्धालुओं में भारी कमी आई है। वहीं, मंदिर ट्रस्ट ने छह जनवरी से लंगर को भी पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। दुर्भाग्य यह रहा है कि जब से यह आधुनिक लंगर भवन निर्मित हुआ है तब से लेकर आज तक देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को नए लंगर भवन की सौगात नहीं मिल सकी।
हाल ही में मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान इस लंगर भवन का लोकार्पण के साथ-साथ दो स्वर्णिम यात्री निवास का शिलान्यास भी होना था। लेकिन, मुख्यमंत्री का बड़सर विधानसभा क्षेत्र का प्रस्तावित दौरा भी रद्द हो गया है। अब मंदिर परिसर में अत्याधुनिक लंगर भवन तथा अन्य सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा। कारण चाहे कुछ भी हो परंतु इसका खामियाजा बड़सर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को ही उठाना पड़ेगा। आगामी समय में मुख्यमंत्री ऑनलाइन माध्यम से ही लंगर भवन का लोकार्पण तथा अन्य सुविधाओं का शिलान्यास कर सकते हैं। अतिरिक्त मंदिर अधिकारी सुभाष ठाकुर ने कहा कि रविवार को करीब 2000 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा के दर्शन किए।