हमीरपुर। जिला मुख्यालय हमीरपुर में रात्रि गश्त पर निकली पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी पर कुछ गुंडा तत्वों ने हमला बोल दिया। इस हमले में होमगार्ड कर्मचारी की आंख में गंभीर चोट आई है। घायल होमगार्ड कर्मचारी को उपचार के लिए तुरंत क्षेत्रीय अस्पताल हमीरपुर में भर्ती करवाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने होमगार्ड कर्मचारी को लगातार आब्जर्वेशन में रहने की सलाह दी है। होमगार्ड कर्मचारी का कहना है कि जिस आंख पर चोट लगी है, उससे दिखाई नहीं दे रहा। पीड़ित होमगार्ड कर्मचारी की पहचान राज कुमार के रूप में हुई है।
हमले की सूचना मिलते ही पुलिस थाना हमीरपुर से एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही आरोपी युवक मौके से फरार हो गए। रात के समय छह युवक हमीरपुर में एक कन्या छात्रावास के बाहर हुड़दंग मचा रहे थे। पेट्रोलिंग कर रही पुलिस पार्टी को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंचकर युवकों से पूछताछ शुरू की। कन्या छात्रावास में ठहरी लड़कियों को जोर-जोर से आवाज लगाने वाले इन युवकों ने गश्त कर रहे दल पर ही हमला बोल दिया। जिससे होमगार्ड कर्मचारी राज कुमार गंभीर घायल हो गया। पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर आरोपी युवकों की धरपकड़ को टीमें रवाना कर दी हैं। एक साल पहले भी होमगार्ड कर्मचारी पर हमला हुआ था, जो अभी तक कोमा में है। उधर, डीएसपी रेणू शर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस ने छह आरोपी युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शीघ्र ही सभी आरोपी युवक गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
पिछले साल भी पीटा था होमगार्ड कर्मचारी, अभी तक कोमा में
हमीरपुर। जिला हमीरपुर में होमगार्ड कर्मचारियों पर हमले की मामले बढ़ते जा रहे हैं। 24 मार्च 2016 को भी ड्यूटी से घर लौट रहे होमगार्ड कर्मचारी पराग राज पर कुछ लोगों ने बोहणी के समीप लंघवाण में हमला कर दिया था। हमले में घायल होमगार्ड कर्मचारी का पीजीआई चंडीगढ़ में उपचार चल रहा है। लेकिन डेढ़ साल बाद भी पीड़ित कर्मचारी कोमा में है और बयान देने की हालत में नहीं। पराग राज के पुत्र केशव राय ने कहा कि वह बीपीएल परिवार से संबंध रखते हैं तथा घर की सारी संपत्ति बेचकर अभी तक उपचार पर 9 लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। पिता के पीजीआई में अभी तक 11 ऑपरेशन हो चुके हैं, प्रत्येक ऑपरेशन पर करीब 70 से 75 हजार रुपये खर्च हो रहा है। वहीं बफड़ी पंचायत ने उनका नाम बीपीएल से काट दिया है। जिसके चलते उपचार की राशि का प्रबंध करने में परेशानी हो रही है। इस मामले में दो लोग अभी तक न्यायिक हिरासत में चल रहे हैं।