हमीरपुर। लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय उच्च मार्ग विंग की ओर से करवाए गए विभिन्न कार्यों का मामला राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो के पास पहुंच गया है। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने एनएच विभाग से मामले से जुड़े जरूरी कागजात मांगे हैं। दरअसल एक व्यक्ति ने विजिलेंस में शिकायत दी है कि एनएच 503-ए के तहत भोटा से बड़सर मार्ग पर हुए विकास कार्यों में नियमों की अवहेलना की गई है।
इस मार्ग पर हुई टारिंग के बाद कई जगह सड़क की हालत खराब हो गई थी। इसके बाद विभाग ने पैच वर्क भी करवाया, लेकिन कई जगह यह उखड़ गया। जनता की गाढ़ी कमाई से टैक्स के रूप में लिए जाने वाले लाखों रुपये का दुरुपयोग हुआ है। पूर्व में हमीरपुर के मट्टनसिद्ध से बिलासपुर के कंदरौर तक 45 किलोमीटर मार्ग पर 286 करोड़ रुपये से हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। इसके बाद सरकार ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे। इस दौरान एनएच के कुछ अधिकारियों के तबादले भी हुए थे। अब एक बार फिर से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता समेत टेंडर प्रक्रिया में नियमों की अवहेलना को लेकर सवाल उठाए गए हैं। फिलहाल विजिलेंस ने भोटा से बड़सर मार्ग पर पिछले दो साल में हुए विभिन्न विकास कार्यों के संदर्भ में रिकॉर्ड लेकर जांच शुरू कर दी है। अभी लोगों की नजर विजिलेंस की जांच पर टिकी है। वहीं, विजिलेंस जांच से विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है।
इधर, एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता प्रमोद कश्यप ने कहा कि सभी कार्य विभागीय नियमों के तहत करवाए गए हैं। कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। कश्यप ने कहा कि विजिलेंस ने जो भी रिकॉर्ड मांगा है, वह उन्हें दे दिया गया है। उधर, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर के डीएसपी लालमन शर्मा ने कहा कि लोक निर्माण विभाग के एनएच विंग में हुए विकास कार्यों में नियमों की अवहेलना को लेकर शिकायत प्राप्त हुआ है। विभाग से रिकॉर्ड लिया है, रिकॉर्ड की जांच पड़ताल की जा रही है।