मामले में दोनों आरोपी विजिलेंस ने अदालत में किए पेश, 23 तक पुलिस रिमांड पर भेजे
मामले में कुल 15 शिकायतकर्ता सामने आए, आगामी दिनों में आंकड़ा बढ़ने की आशंका
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। सरकार से जुड़ी उद्यम की योजनाओं में ऋण मंजूर करवाने के नाम पर ठगी के मामले में 15 लोगों को शिकार बनाया गया है। पीड़ितों का यह आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। जांच में खुलासा हुआ है कि बेहद ही शातिर अंदाज आरोपी ठगी को अंजाम देते थे। ऋण न चुकाने की सूरत में इंश्योरेंस का तर्क देकर यह ठगी की जा रही थी। मसलन लोगों को यह तर्क दिया जा रहा था कि यदि ऋण की अवधि के दौरान उनके साथ कुछ अनहोनी हो जाती है इंश्योरेंस करने वाली कंपनी उनकी ओर से लोन चुकाएगी और इस इंश्योरेंस की एवज में हजारों रुपये की राशि वसूल की जाती थी।
मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों महिला और पुरुष को विजिलेंस हमीरपुर की टीम ने रविवार को अदालत में पेश किया है। दोनों को अदालत ने 23 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। मामले में विजिलेंस हमीरपुर को कई लोगों से आरोपियों के खिलाफ शिकायत मिली है। आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। बीते शनिवार को विजिलेंस हमीरपुर की टीम ने दो प्रतिशत पर ऋण मंजूर करवाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के आरोप में महिला और पुरुष को गिरफ्तार किया था। आरोपी लोन की इंश्योरेंस के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। ठगी की शिकायत मिलने के बाद हमीरपुर शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हिमाचल लघु उद्योग कल्याण संघ के नाम से चलाए जा रहे कार्यालय में दबिश के दौरान विजिलेंस हमीरपुर की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम था। कृष्ण चंद इस कार्यालय को संचालित करता था जबकि सुजानपुर के बनाल निवासी शिखा राणा इस कार्यालय में कार्य करती है। एएसपी विजिलेंस हमीरपुर रेणू शर्मा का कहना है कि दोनों आरोपियों को अदालत से 23 अक्तूबर तक पुलिस रिमांड मिला है। मामले में छानबीन जारी है।