भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के अंतर्गत कड़ोहता के शहीद अंकुश ठाकुर के नाम पर की गईं घोषणाएं आज भी अधूरी हैं। तत्कालीन सीएम जयराम ठाकुर ने पीएचसी कड़ोहता का नाम शहीद अंकुश ठाकुर के नाम पर रखने और उसे सीएचसी में स्तरोन्नत करने 24 घंटे सेवाएं शुरू करने की घोषणा की थी। हालांकि पीएचसी को शहीद अंकुश ठाकुर के नाम तो कर दिया, लेकिन स्वास्थ्य सुविधाएं और न दर्जा नहीं बढ़ा पाया है।
बता दें कि गलवान घाटी में 15 जून 2020 को हुई चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हुई मुठभेड़ में देश के 20 जवान बलिदान हो गए थे। इसमें हमीरपुर जिले के कड़ोहता गांव के 21 वर्षीय अंकुश ठाकुर भी शामिल थी। उनके बलिदान पर प्रदेश सरकार ने क्षेत्र में कई घोषणाएं की थीं जो अभी भी अधूरी हैं।
शहीद के पिता अनिल ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र कड़ोहता का नामकरण तो हो गया है, लेकिन अपग्रेडेशन अभी तक नहीं हुई है और न ही इसमें रात्रि स्वास्थ्य सेवा शुरू हो पाईं हैं। परिजनों का कहना है शहीद अंकुश ठाकुर की शहादत को भी चार वर्ष पूरे होने वाले हैं लेकिन अभी भी घोषणाएं अधूरी हैं, जिससे वह निराश हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक गेट का निर्माण तक नहीं किया गया। कई बार पूर्व सरकार और विधायकों के कार्यालयों के चक्कर काटे, लेकिन कुछ नहीं हो सका।
उधर, भोरंज के विधायक सुरेश ने कहा कि इसको लेकर जल्द उचित प्रयास किए जाएंगे।