काले बिल्ले लगाकर सेवाएं देने के दौरान गेट मीटिंग करते स्वास्थ्य समिति अनुबंध कर्मचारी। -संवाद
- फोटो : Hamirpur-HP
भोटा (हमीरपुर)। स्वास्थ्य समिति (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) अनुबंध कर्मचारी संघ के जिला प्रेस प्रवक्ता राज महाजन ने भोटा में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि पूर्ण राज्यत्व दिवस पर इस वर्ग के कर्मचारियों की मांगों अनुसार घोषणा न होने पर रोषित कर्मचारी एक फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर सेवाएं देंगे। वीरवार को इन कर्मचारियों ने काले बिल्ले लगाकर सेवाएं शुरू की हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में विभिन्न समितियों, जिनमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं एड्स कंट्रोल सोसायटी शामिल है, इनके अंतर्गत करीब दो हजार कर्मचारी वर्ष 1997 से कार्य कर रहे हैं, लेकिन 24 वर्ष बीत जाने के बाद भी किसी भी सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए किसी भी प्रकार की नियमितीकरण की स्थायी नीति नहीं बनाई है। हालांकि, वर्ष 2016 में तत्कालीन सरकार ने रेगुलर पे स्केल की नोटिफिकेशन जारी की थी, लेकिन वह भी सिर्फ मेडिकल कॉलेज में महज स्थानीय रोगी कल्याण समिति के कर्मचारियों के लिए लागू की है।
जबकि, इन कर्मचारियों को उससे भी वंचित रखा गया है। राज महाजन ने बताया कि राजस्थान, हरियाणा, मणिपुर, मिजोरम, आंध्र प्रदेश, सिक्किम जैसे राज्यों में इन कर्मचारियों के लिए नियमित अथवा रेगुलर पे स्केल के लिए स्थायी नीति बना दी गई है। लेकिन, प्रदेश में कर्मचारियों की अनदेखी हो रही है। प्रदेश कार्यकारिणी ने सरकार को 25 जनवरी का अल्टीमेटम दिया था कि इन कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण के लिए स्थायी नीति बनाई जाए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पूर्ण राज्यत्व दिवस पर इन कर्मचारियों के लिए किसी भी प्रकार की कोई घोषणा नहीं की है। इसलिए यह कर्मचारी एक फरवरी तक काले बिल्ले लगाकर सेवाएं देंगे। जिसकी शुरुआत वीरवार से की गई। दो फरवरी को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल शुरू कर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने के लिए भी कर्मचारी तैयार हैं।