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अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : कोरोना काल में खून की कमी को पूरा करने के साथ वैक्सीनेशन के लिए भी प्रेरित किए लोग

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हमीरपुर। जिले के युवक मंडलों और संस्थाओं ने कोरोना महामारी के दौरान जहां रक्त की कमी को पूरा किया, वहीं लोगों को वैक्सीनेशन के लिए भी प्रेरित किया है। इसके साथ ही कोरोना संक्रमण में जरूरतमंदों को राशन और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई हैं। वैक्सीनेशन के लिए शुरू में आ रही स्लॉट बुक करने की समस्या का हल करने के लिए इन युवाओं ने लोगों के बीच जाकर उनके स्लॉट बुक किए। यही नहीं वृद्ध और दिव्यांग लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए वैक्सीनेशन केंद्र तक पहुंचाया। महामारी को खत्म करने के लिए लोगों से वैैक्सीनेशन करवाने की अपील की और स्वास्थ्य विभाग का भी सहयोग किया।
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इनका कहना है कि कोरोना महामारी से खुद को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए बूस्टर डोज अनिवार्य है। इसलिए लोग वैक्सीन लगवाने से डरे नहीं। वैक्सीनेशन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।
क्या कहते हैं युवा व युवक मंडल
बुजुर्गों और दिव्यांगों को पहुंचाया वैक्सीनेशन केंद्रों में
नादौन केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष शुभम कपिल ने बताया कि जबसे कोरोना महामारी आई है, नादौन केयर फाउंडेशन के सदस्य लोगों के बीच में रहे। जरूरतमंदों को राशन, दवाइयां व अन्य जरूरी सामग्री तो उपलब्ध करवाई ही, साथ ही वैक्सीनेशन के शुरुआती दौर में लोगों को स्लॉट बुकिंग की समस्या के समाधान के लिए भी मदद की। वैक्सीनेशन केंद्र तक बुजुर्गों और दिव्यांगों को पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
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लोगों को जरूरत अनुसार सामग्री करवाई उपलब्ध : राजन
बाबा बालकनाथ नि:स्वार्थ संस्था भोरंज के अध्यक्ष राजन शर्मा ने कहा कि संस्था ने कोरोना काल में जहां संक्रमितों के अंतिम संस्कार में भूमिका निभाई, वहीं लोगों को महामारी के समय जरूरत अनुसार सामग्री भी उपलब्ध करवाई। संस्था के सभी लोगों ने दो डोज लगवाकर पहले खुद को सुरक्षित किया और सरकारी केंद्र पर वरिष्ठ नागरिकों को लगने वाली बूस्टर डोज के लिए उनको प्रेरित किया।
पहले खून दान किया, फिर लगवाई वैक्सीन: पुनीत
इंकलाब संस्था रंगस के अध्यक्ष पुनीत उप्पल ने कहा कि संस्था के सदस्यों व अन्य युवाओं ने कोरोना काल में खून की कमी को पूरा करने के लिए पहले खून दान किया और फिर वैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित किया। वैक्सीन लगवाने के दो माह तक खून दान नहीं कर सकते थे तो सदस्यों ने पहले खून दान किया और उसके बाद वैक्सीन लगवाई।
स्लॉट बुक करने में की लोगों की मदद : अनिल
जिला संयोजक एबीवीपी हमीरपुर अनिल ने बताया कि जब वैक्सीन का शुरुआती दौर था और लोगों को स्लॉट बुक करने में दिक्कत आ रही थी तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने लोगों के लिए स्लॉट बुक करने में उनकी मदद की। इसके साथ ही गांधी चौक हमीरपुर पर एक विशेष जागरूकता अभियान भी आयोजित किया था।
परीक्षाओं के दौरान भी लगवाई वैक्सीन
आईटीआई प्रशिक्षु अभिनव शर्मा ने बताया कि बीते वर्ष जब वैक्सीनेशन लग रही थी तो उनकी स्कूल की परीक्षाएं थीं। एक डोज पेपर से पहले और दूसरी डोज परीक्षा खत्म होने के बाद लगवाई। वैैक्सीन से कोई भी साइड इफेक्ट नहीं हुआ। जबकि अन्य दोस्तों को भी जब वैक्सीनेशन के बारे बताया तो उन्होंने भी परीक्षा खत्म होते ही वैैक्सीन लगवाकर खुद को सुरक्षित किया।
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