बड़सर अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट।
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बड़सर (हमीरपुर)। जिले में कोरोना संकटकाल में सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। पहले यहां ऑक्सीजन प्लांट न होने से मरीजों को टांडा या बाहरी अस्पतालों में रेफर करना पड़ता था। अब जिले में ही ऑक्सीजन सुविधा उपलब्ध हो गई है। इससे हजारों मरीजों और तीमारदारों को राहत मिली है।
सिविल अस्पताल बड़सर में भी ऑक्सीजन प्लांट लग गया है। अस्पताल के 25 बिस्तर सीधी ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़ गए हैं। अब मरीजों को ऑक्सीजन के लिए सिलिंडर या कंस्ट्रेटर नहीं ढोने पड़ेंगे। महज रेगुलेटर चालू कर बिस्तर पर ही ऑक्सीजन से जुड़ जाएंगे। दो सालों में कोरोना के कारण लोगों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इस दौरान कई लोग अपनों से बिछड़ गए। इसमें ऑक्सीजन की कमी एक बड़ा कारण रहा। इस महामारी से सीख लेते हुए सरकारों ने ऑक्सीजन व्यवस्था को सुदृढ़ किया है और अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगवाए हैं। बड़सर सिविल अस्पताल उपमंडल का प्रमुख अस्पताल है।
यहां हाल ही में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने बड़सर दौरे के दौरान किया। ऑक्सीजन प्लांट लगने के बाद जहां ऑक्सीजन की किल्लत खत्म हो गई है। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन को भी बाहर से अब ऑक्सीजन खरीदने की जरूरत नहीं है। अस्पताल में उपमंडल बड़सर सहित जिला ऊना के साथ लगते क्षेत्रों से भी लोग उपचार के लिए आते हैं। बीएमओ बड़सर हेत राम कालिया ने कहा कि बड़सर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। वार्ड में हर बिस्तर पर अब सीधी ऑक्सीजन सप्लाई है। अस्पताल में अब सक्शन अप्रेट्स भी उपयोग में लाया जाएगा। इसके साथ किसी व्यक्ति के गले में फंसे हुए बलगम को आसानी से निकाल सकते हैं और बेहोश हुए व्यक्ति के लिए भी इसे प्रयोग कर सकते हैं। ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर या सिलिंडरों की जरूरत भी नहीं है। अस्पताल के 20 बिस्तरों को सीधी ऑक्सीजन सप्लाई से जोड़ा गया है।