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मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में 46 बिस्तर, भर्ती हैं 93 मरीज

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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के स्त्री रोग वार्ड में एक बिस्तर पर उपचाराधीन दो गर्भवती महिलाएं। - फोटो : Hamirpur-HP
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हमीरपुर। समय सुबह 11: 21 बजे हैं। यह मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मेडिसिन विभाग का पुरुष मेडिकल वार्ड है। यहां 25 बिस्तरों की सुविधा है, लेकिन इन बिस्तरों पर 32 मरीज भर्ती हैं। बिस्तर नंबर 34 और 38 समेत अन्य कई बिस्तरों पर दो-दो मरीज हैं। ऐसे में एक भी मरीज सही ढंग से आराम नहीं कर पा रहा है। कभी एक मरीज सो रहा है तो कभी दूसरा बैठ रहा है। गर्मी के कारण पहले ही बेहाल हैं और अब एक बिस्तर पर दो मरीज होने से दिक्कत हो रही है।
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समय 11: 28 बजे हैं। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के स्त्री रोग वार्ड में एक बिस्तर पर दो-दो गर्भवती महिलाएं दाखिल हैं। एक लेटी है तो दूसरी को बैठना पड़ रहा है। ऐसे में दर्द से कराह रही इन महिलाओं को आराम करने की भी दिक्कत है। 11:30 हुए हैं, स्त्री रोग वार्ड के बाहर गैलरी में ही गर्भवती व अन्य महिलाओं के लिए बिस्तर लगाकर अस्पताल प्रबंधन ने व्यवस्था तो की है, लेकिन यहां बिजली, पंखे न होने के कारण मरीजों व तीमारदारों को गर्मी झेलनी पड़ रही है।
गर्मी के मौसम में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में उपचार को आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है, वहीं दाखिल होने वाले मरीज भी अधिक आ रहे हैं। मेडिसिन और स्त्री रोग विभाग की ओपीडी रोजाना औसतन तीन सौ है। इसलिए इन दो विभागों में आए दिन अधिक मरीज दाखिल होते हैं। स्त्री रोग विभाग के तीन कमरों के वार्ड में महज 46 बिस्तर हैं, लेकिन वीरवार को स्त्री रोग वार्डों में 93 मरीज भर्ती रहे। इनमें से 64 महिलाएं और 29 नवजात शिशु हैं।
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नवजात शिशुओं के साथ उनकी माताएं भी होती हैं। ऐसे में महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों एवं तीमारदारों सोमदत्त, किरण कुमारी, बलवीर सिंह, रेखा कुमारी का कहना है कि एक बिस्तर पर दो-दो मरीज होने से दिक्कत हो रही है। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से अतिरिक्त बिस्तरों की सुविधा देने की मांग की है। इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चौहान ने कहा कि मरीजों की संख्या बढ़ने से दिक्कत आई है। मरीजों को यहीं पर उपचार दिया जा रहा है। इसलिए कुछ बिस्तरों पर दो मरीज जगह की कमी के कारण होते हैं। इनमें एक मरीज ऐसा होता है जो अगले दिन डिस्चार्ज होने वाला हो। इसके बाद बिस्तर पर एक ही मरीज रहता है।
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