सरकारी स्कूलों में पहली से बाहरवीं के बच्चों के लिए विद्यार्थी स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम में बड़ी राहत दी गई है।
जांच कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूल में पढ़ने वाला कोई छात्र या छात्रा अगर गंभीर बीमारी की चपेट में आते हैं तो इनका इलाज राज्य सरकार कराएगी।
अभिभावकों को बस बच्चे को अस्पताल ले जाना है और स्वास्थ्य महकमा बच्चे के उपचार का पूरा खर्च उठाएगा।
हालांकि स्कूल में स्वास्थ्य जांच परीक्षण के दौरान डॉक्टर को बच्चे में गंभीर बीमारी के लक्षण दिखने जरूरी हैं। संबंधित डॉक्टर की स्वीकृति के बाद ही सारा खर्च स्वास्थ्य महकमा वहन करेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने कहा कि इसके लिए किसी तरह की औपचारिकता या कार्ड की जरूरत नहीं। सभी परिवारों के बच्चों के लिए यह योजना है और कोई भी इसका लाभ उठा सकता है।
बच्चे का हार्ट का ऑपरेशन होना हो या फिर कोई बड़ी सर्जरी, विद्यार्थियों के स्वास्थ्य जांच परीक्षण में गंभीर बीमारियों के लक्षण सामने आने पर उनके इलाज का सारा खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा।
शैक्षणिक संस्थान परिसर में घटित होने वाली दुर्घटनाएं जैसे सांप या कुत्ते द्वारा काटे जाने की स्थिति में भी इस योजना के तहत नि:शुल्क उपचार किया जाएगा।