एसजीएसटी सबसे बड़ा कर स्रोत
वर्ष 2024-25 में राज्य के अपने कर राजस्व में सबसे बड़ा योगदान एसजीएसटी का रहा। इससे 5,816.61 करोड़ रुपये मिले। राज्य आबकारी से 2,698.23 करोड़ और बिक्री, व्यापार आदि करों से 1,842.30 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई। वाहनों पर कर से 907.04 करोड़, बिजली पर कर एवं शुल्क से 494.88 करोड़ और स्टांप शुल्क व पंजीकरण फीस से 491.12 करोड़ रुपये मिले। एसजीएसटी, आबकारी और बिक्री-व्यापार कर से कुल 10,357.14 करोड़ रुपये मिले, जो अपने कर राजस्व 12,772 करोड़ रुपये का करीब 81 फीसदी है।
केंद्रीय करों में हिस्सेदारी दोगुने से अधिक
केंद्रीय करों में प्रदेश की हिस्सेदारी 2020-21 के 4,753.92 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में 10,681.24 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, केंद्र से मिलने वाली ग्रांट-इन-एड 18,412.58 करोड़ से घटकर 16,469.50 करोड़ रुपये रह गई।