उसकी जिम्मेदारी बिलासपुर से आने वाले वाहनों से पार्सल अनलोड करवाने, उनकी छंटनी करने, प्रदेश के करीब 35 लास्ट माइल हब तक उन्हें सुरक्षित भेजने और रिकॉर्ड बनाए रखने की थी। हालांकि, विभिन्न हब से पार्सल कम मिलने की लगातार शिकायतें आने के बावजूद आरोपी ने न तो कोई आंतरिक जांच कराई और न ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मामला संदिग्ध लगने पर कंपनी की फ्रॉड प्रिवेंशन एंड इन्वेस्टिगेशन टीम ने 21 जुलाई को आलमपुर हब में औचक निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि आरोपी की तैनाती के बाद से 2,024 पार्सल गंतव्य तक पहुंचे ही नहीं। इसके साथ ही उसने कंपनी की 28,136 रुपये की नकदी भी जमा करने से मना कर दिया। उधर, एएसपी कांगड़ा बीर बहादुर ने बताया कि शिकायत के आधार पर पुलिस थाना लंबागांव में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस गायब पार्सलों और नकदी की बरामदगी के साथ अन्य साक्ष्य जुटाने में जुटी है।