जांच एजेंसियों के अनुसार, कोर्वियो और डीजीटी कॉइन जैसी कथित डिजिटल मुद्राओं के जरिये जुटाई गई रकम से जुड़े 219 मिलियन अमेरिकी डॉलर के संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। ईडी ने हिमाचल और पंजाब में करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्तियां फ्रीज किए जाने की जानकारी दी है। पीएमएलए की धारा-5 के तहत कमर्शियल कांप्लेक्स जुनेजा स्क्वायर, संदिग्ध बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट से जुड़ी परिसंपत्तियों पर अंतरिम कुर्की की कार्रवाई भी शुरू की गई है।
जांच में तकनीकी प्रबंधन से जुड़े मिलन गर्ग पर डेटा विदेशी सर्वरों पर स्थानांतरित करने और मुख्य आरोपी बताए जा रहे सुभाष शर्मा पर हवाला के जरिये दुबई में रकम भेजने के आरोपों की भी पड़ताल हो रही है। सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की कवायद की जानकारी भी सामने आई है। पीएमएलए की धारा-8(8) के तहत विशेष अदालत वैध दावेदारों को कुछ परिस्थितियों में रकम लौटाने का आदेश दे सकती है। इसके लिए निवेशकों को बैंक स्टेटमेंट, भुगतान की रसीदें और निवेश के अन्य प्रमाण जुटाकर जांच एजेंसी के समक्ष दावा दर्ज करना होगा। रकम की वापसी अदालत के आदेश और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ आरोप साबित होना बाकी है।