बीबीएमबी बकाया भुगतान पर शपथपत्र दे, तभी किशाऊ परियोजना पर एमओयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछली भाजपा सरकार की ओर से 422 मेगावाट की किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर किए गए समझौते को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि उस समझौते के तहत हिमाचल को बिजली उत्पादन की लागत का बड़ा हिस्सा वहन करना पड़ता। सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार के दृढ़ रुख के परिणामस्वरूप अब हिमाचल को बिना किसी वित्तीय निवेश के करीब 600 करोड़ रुपये वार्षिक राजस्व मिलने का रास्ता साफ हुआ है। हिमाचल प्रदेश किशाऊ परियोजना को तभी आगे बढ़ाएगा, जब पड़ोसी राज्य अगली सुनवाई से पहले सर्वोच्च न्यायालय में शपथपत्र दाखिल कर यह सुनिश्चित करे कि वे भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के बकाया भुगतान में हिमाचल का हिस्सा देंगे।