सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों कर शिक्षा और देखभाल के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत 27 वर्ष की आयु पूरा होने तक इन बच्चों की पढ़ाई समेत अन्य सभी खर्चों को एक अभिभावक के रूप में सरकार पूरा कर रही है। इन बच्चों के विवाह के लिए राज्य सरकार ने दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया है। इसके अलावा, जिनके पास अपनी जमीन है, लेकिन मकान नहीं है। उन्हें भी तीन लाख रुपये की मदद देने का प्रावधान किया गया है। आश्रम की बालिकाओं ने इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं। मुख्यमंत्री ने बाद में मशोबरा स्थित नारी सेवा सदन भी गए। वहां महिलाओं को मिठाइयां व उपहार बांटे। नगर निगम शिमला के महापौर सुरेंद्र चौहान, मुख्यमंत्री के प्रधान मीडिया सलाहकार नरेश चौहान, महिला एवं बाल विकास विभाग के निदेशक पंकज ललित और उपायुक्त अनुपम कश्यप भी इस अवसर पर उपस्थित थे।