चंबा। प्रदेश के विभिन्न जिलों में उगाई जाने वाली गेहूं को अब बीज के रूप में जिला चंबा के किसान प्रयोग करेंगे। कृषि विभाग इस बार करीब पचास प्रतिशत गेहूं के बीज की आपूर्ति प्रदेश के विभिन्न जिलों से करेगा। सरकार के आदेशानुसार हिमाचल में ही बीज तैयार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इनमें ऊना और सोलन जिला अग्रिम पंक्ति पर है। जबकि, कांगड़ा और मंडी भी इस फेहरिस्त में शामिल होने की जद्दोजहद में है।
जिला चंबा की ओर से इस बार 1600 क्विंटल गेहूं बीज की डिमांड भेजी गई है। इसमें से आठ सौ क्विंटल गेहूं का बीज राज्य के जिलों से ही चंबा पहुंचेगा। जबकि, शेष आठ सौ क्विंटल उत्तराखंड के रूद्रपुर से पहुंचेगा। हालांकि, अभी तक गेहूं की बिजाई के लिए समय है। जबकि, कृषि विभाग ने पहले ही डिमांड भेज दी है।
गौरतलब है कि जिले में 19040 हेक्टेयर भूमि में गेहूं की बिजाई की गई है। चंबा और भटियात में गेहूं की पैदावार अन्य क्षेत्रों के मुकाबले अधिक है। बहरहाल, जैसे ही बीज पहुंचेगा, बीज को विभिन्न वितरण केंद्रों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाया जाएगा। वर्तमान समय में खेतों में किसान मक्की की कटाई और चारा आदि समेटने में जुटे हुए हैं। नवंबर में गेहूं की बिजाई का कार्य शुरू किया जाएगा।
उधर, कृषि उपनिदेशक डॉ. कुलदीप धीमान का कहना है कि जिले में इस बार प्रदेश के अन्य जिलों से पचास प्रतिशत बीज की डिमांड पूरी की जाएगी।