हिमाचल की वादियों से यादें नहीं, अपनों की मौत की खबर लेकर लौटा गुजरात
नितिन पाल
बनीखेत (चंबा)। हिमाचल की खूबसूरत वादियों में सुकून और यादें समेटने निकले दो परिवारों ने शायद कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
गुजरात के भावनगर से परिवार सहित घूमने आए हिमाचल की हसीन वादियों, ठंडी हवाओं और पहाड़ों की सुंदरता को अपने दिल में बसाकर घर लौटने की तैयारी में थे। लेकिन, नियति को कुछ और ही मंजूर था।
रविवार रात काे मनाली से डलहौजी की ओर निकले इन परिवारों की इनोवा कार सोमवार तड़के लाहडू-तुनुहट्टी मार्ग पर ककीरा के घारी के पास गहरी खाई में समा गई। हादसा इतना भयावह था कि एक ही पल में हंसता-खेलता परिवार बिखर गया। किसी का पति चला गया, किसी की पत्नी, तो किसी मासूम बच्चे की जिंदगी भी इस दर्दनाक हादसे में हमेशा के लिए थम गई। बताया जा रहा है कि परिवार के लोग हिमाचल में छुट्टियां बिताने आए थे। घूमने-फिरने के दौरान उन्होंने यहां की वादियों में कई खुशनुमा पल बिताए, तस्वीरें खींचीं और अपनों के साथ यादगार समय गुजारा। लेकिन घर वापसी से पहले ही मौत ने रास्ते में उन्हें अपनी आगोश में ले लिया। हादसे में ललित भाई पतनानी और उनकी पत्नी ममता बेन, प्रियंक कन्हैयालाल और उनकी पत्नी काजुल, उनके बेटे दियांश सहित चालक जसवंत कुमार की मौत ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। वहीं, दुर्घटना में घायल चार अन्य लोग जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
सबसे दर्दनाक दृश्य उस समय सामने आया जब सुबह स्थानीय लोगों ने खाई में गिरी गाड़ी को देखा। चारों ओर चीख-पुकार और मातम पसरा हुआ था। राहत-बचाव दल ने किसी तरह घायलों को बाहर निकाला, लेकिन कई जिंदगियां तब तक हमेशा के लिए खामोश हो चुकी थीं। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के दौरान सफर की खतरनाक परिस्थितियों को उजागर कर दिया है। एक पल की फिसलन और जरा सी चूक ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। गुजरात में जहां इन परिवारों के घरों में अपने लौटने का इंतजार हो रहा था, वहीं अब वहां मातम पसरा हुआ है। जिन अपनों के लौटने पर मुस्कानें बिखरनी थीं, अब उनके निधन की खबर ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया है।