चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज में दस रुपये में होने वाला युरिन टेस्ट नहीं किया जा रहा है। हैरानी की बात है कि इसके बारे में अस्पताल प्रबंधन को कोई जानकारी ही नहीं है। रोजाना 50 से 100 मरीजों को चिकित्सक युरिन टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं लेकिन मरीजों को यह टेस्ट करवाने के लिए निजी प्रयोगशालाओं में जाना पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में जहां यह टेस्ट मात्र दस रुपये में होता है वहीं निजी लैब में मरीजों से 100, 200 और 500 रुपये तक वसूल किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने निजी लैबों में टेस्ट के दाम निर्धारित नहीं किए हैं। यही वजह है कि लैब संचालक मनमाने दाम पर इस टेस्ट को कर रहे हैं।
सरकार ने भले ही सरकारी अस्पतालों की प्रयोगशालाओं में मरीजों के कुछ टेस्ट मुफ्त करने की व्यवस्था की है लेकिन सबसे सस्ता और जरूरी टेस्ट आज भी मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला में नहीं हो रहा है। पैथोलॉजी विभाग में इस टेस्ट को करने की व्यवस्था की गई थी लेकिन पिछले तीन साल से यह टेस्ट नहीं किया जा रहा है। इसकी वजह से मरीज काफी परेशान हैं। तीमारदारों रविंद्र सिंह, अशोक कुमार, सोभिया राम और मान सिंह ने बताया कि किडनी, पथरी और पेट रोग से जुड़े मरीजों को चिकित्सक युरिन टेस्ट करवाने के लिए कहते हैं लेकिन मरीजों को मजबूरी में निजी प्रयोगशाला में जाकर पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। सरकार को मेडिकल कॉलेज में जल्द यह टेस्ट शुरू करवाना चाहिए।
अस्पताल में यूरिन का टेस्ट नहीं हो रहा है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। इसके बारे में पता लगाकर जल्द मरीजों को सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। डॉ. देवेंद्र कुमार, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज चंबा