चंबा। जिला देश के आकांक्षी जिलों में शामिल किया गया है। यहां की भौगोलिक विषमताओं के चलते यदि जिले में सुरंगों के निर्माण को प्राथमिकता मिले तो जिले के विकास को भी नई गति मिलेगी। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने यह बात सोमवार को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि चुवाड़ी से जिला मुख्यालय चंबा को जोड़ने वाली सुरंग का निर्माण शुरू करवाना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में है। उन्होंने पधरी और साच जोत के नीचे सुरंग के अलावा होली-उतराला सुरंग के निर्माण की भी वकालत की।
कहा कि ऐतिहासिक चौगान चंबा नगर की लाइफ लाइन है। इसका समुचित रखरखाव हर हाल में किया जाना चाहिए। कहा कि मिंजर मेले से जो आय प्राप्त होती है उसका 20 प्रतिशत चौगान के रखरखाव और सौंदर्यीकरण पर खर्च किया जाएगा। कहा कि अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला जिले की समृद्ध लोक संस्कृति का परिचायक है। उन्होंने मिंजर मेले की सांस्कृतिक संध्याओं और खेल स्पर्धाओं के आयोजन से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और गैर सरकारी सदस्यों को सम्मानित किया। उन्होंने अव्वल प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुरस्कार भी दिए।
बागवानी प्रदर्शनी को मिला पहला पुरस्कार
उन्होंने मिंजर मेला प्रदर्शनी के बेहतरीन स्टाल संचालकों को पुरस्कार वितरित किए। बागवानी विभाग को पहला पुरस्कार मिला। कृषि विभाग दूसरे जबकि वन विभाग का प्रचार मंडल तीसरे स्थान पर रहा। चौथा पुरस्कार नाबार्ड और समग्र शिक्षा के लिए जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान को हासिल हुआ।