चंबा। भरमौर-पठानकोट एनएच पर सफर किसी खतरे से खाली नहीं है। एनएच की सुध न लेने से इस सड़क पर लगातार हादसों का खतरा बना हुआ है। उदयपुर से लेकर रजेरा तक जगह-जगह एनएच के बीचोंबीच से तारकोल उखड़ गई है। कई जगह एनएच का हिस्सा धंस गया है। हैरानी की बात है कि अब तक दर्जन भर चालक गड्ढों के कारण चोटिल भी हो चुके हैं। बावजूद इसके, अभी तक एनएच पर पड़े गड्ढों को भरने की एनएच प्रबंधन ने जहमत तक नहीं उठाई है।
गौरतलब है कि कि भरमौर-पठानकोट एनएच पर ढांपू के पास सड़क के बीचोंबीच मलबा और कीचड़ पड़ा हुआ है। इतना ही नहीं, इससे कुछ ही दूरी पर एनएच पर गड्ढों की भरमार है। परेल नामक स्थान पर सड़क के बीचोंबीच से तारकोल उखड़ चुकी है। बालू स्थित नए ब्रिज के पास सड़क के एक तरफ गड्ढों की भरमार है। सुल्तानपुर के पास और हेलीपैड के नीचे से होकर गुजरने वाले एनएच का एक दस फीट तक का पैच धंस चुका है।
इसी प्रकार भट्ठी नाले के पास भी ऐसी ही स्थिति है। बीते दिनों हुई बारिश से एनएच पर बिछाई गई तारकोल एनएच के साथ ही बह गई है। वहीं, जुलाहकड़ी, हरदासपुरा और रजेरा में भी एनएच के बीचोंबीच उखड़ी तारकोल बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
नरेश कुमार, अमी चंद, राकेश कुमार, किरपा राम, निधिया राम, प्रताप चंद, अशोक कुमार, नरेश कुमार आदि ने बताया कि भरमौर-पठानकोट एनएच पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। बालू स्थित नए पुल के पास अब तक दर्जन भर दोपहिया वाहन चालक स्किड होकर चोटिल हो चुके हैं।
एनएच मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता राजीव कुमार ने कहा कि एनएच में बालू के पास खस्ताहाल एनएच की मरम्मत करने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
हेलीपैड के पास एनएच जलस्रोत होने से धंस रहा है। लिहाजा, एनएच पर बजरी डाल दी जाएगी। जुलाहकड़ी में जलशक्ति विभाग के सीवरेज चैंबर ओवरफ्लो होने से एनएच की बार-बार खुदाई होने से ही समस्या हो रही है। कहा कि रजेरा के पास एनएच की कटिंग का कार्य चला हुआ है। कार्य पूरा होने पर टारिंग का कार्य करवा दिया जाएगा।