भरमौर(चंबा)। पवित्र मणिमहेश न्यास की बैठक बुधवार को लघु संयुक्त कार्यालय पट्टी के सभागार में हुई। जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. संजय कुमार धीमान ने की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बीते साल की तरह इस बार भी कोविड महामारी की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पवित्र मणिमहेश यात्रा का आयोजन धार्मिक परंपराओं और रीति रिवाजों का निर्वहन सीमित व एहतियात के साथ किया जाएगा। मणिमहेश की ओर श्रद्धालुओं प्रस्थान नहीं कर पाएंगे। इसके लिए प्रशासन ने तमाम व्यवस्था कर दी है। विभिन्न स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात भी रहेगा।
गौरतलब है कि इस बार पवित्र मणिमहेश यात्रा 30 अगस्त से 13 सितंबर के बीच होनी है। जिसमें राधाष्टमी के दौरान पारंपारिक छड़ी एवं शिव चेलों के साथ सीमित लोगों को मणिमहेश जाने के लिए अनुमति रहेगी। चेलों के साथ जाने वाले लोगों की सूची दस दिन के भीतर मणिमहेश न्यास एवं उपमंडल अधिकारी नागरिक के कार्यालय में देनी होगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया मणिमहेश यात्रा के दौरान प्रंघाला में स्थायी चेक पोस्ट स्थापित की जाएगी। साथ ही पुराना बस स्टैंड, चौरासी परिसर, भरमाणी माता मंदिर, हड़सर, धनछौ, गौरीकुंड व डल में पुलिस की तैनाती की जाएगी। लगातार यह दूसरा वर्ष है जब कोरोना महामारी के चलते मणिमहेश यात्रा चंद लोगों तक सीमित रह गई है। गत वर्ष भी यात्रा कोरोना महामारी के चलते यात्रा प्रभावित हुई थी।
एडीएम ने बताया कि इस बार मणिमहेश यात्रा के दौरान पड़ावों पर विद्युत व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधा, शौचालय, पेयजल की व्यवस्था, रेस्क्यू टीम, कैरोसिन तेल आदि की व्यवस्था भी की जाएगी। साथ ही इस व्यवस्था को देखने के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी के अधीन समितियों का भी गठन किया जाएगा। वहीं अभी बिना रोक टोक और अपने रिस्क पर यात्री मणिमहेश जा रहे हैं। जब अधिकारिक तौर पर यात्रा शुरू होगी, तब वही लोग मणिमहेश जा पाएंगे, जिन्हें प्रशासन से अनुमति होगी।
बैठक में उपमंडल अधिकारी मनीष कुमार सोनी, वन मंडल अधिकारी सन्नी वर्मा, जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता दिलेर सिंह, विद्युत बोर्ड के सहायक अभियंता विक्रम शर्मा, गैर सरकारी सदस्यों में अनिल कुमार, मोती राम शर्मा, परशोत्तम शर्मा, लक्ष्मण दत्त, पुन्नू राम शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अंकित शर्मा, अटल बिहारी उप पर्वतारोहण संस्थान के प्रभारी भी मौजूद रहे।