चंबा। जिले में रोप-वे की योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। हालांकि, रोप-वे की संभावना तलाशने के लिए एक साल से सर्वे किया जा रहा है। इसके लिए चंबा पहुंची संयुक्त टीम ने मंगला और तडग़्रां साइट का निरीक्षण भी किया था।
जानकारी के अनुसार मंगला को रोप-वे के माध्यम से चंबा शहर से जोड़ने का मामला काफी पुराना है। करीब आठ से दस साल पहले मंगला के लिए रोप-वे को लेकर सर्वे शुरू हुआ था लेकिन वर्तमान में भी यह योजना धरातल तक नहीं पहुंच पाई है। वहीं, तडग़्रां को भी रोप-वे से जोड़ने के लिए एक साल पहले प्रयास शुरू हुए थे लेकिन निरीक्षण के बाद मामला ठंडे बस्ते में है। गौरतलब है कि रोप-वे बन जाने से चंबा में जहां पर्यटकों की तादाद बढ़ेगी तो वहीं, दूसरी ओर स्थानीय बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खुलेंगे।
वर्तमान में चंबा शहर में खज्जियार और डलहौजी के मुकाबले काफी कम पर्यटक पहुंच रहे हैं। जिला पर्यटन अधिकारी विजय कुमार का कहना है कि एक साल पहले निरीक्षण हुआ था। निरीक्षण के दौरान मंगला और तडग़्रां को रोप से जोड़ने के लिए संभावनाएं तलाशी गईं। कहा कि अभी तक दूसरा निरीक्षण नहीं हुआ है।