चंबा नगर परिषद कार्यालय में बैठक के दौरान पार्षद और अधिकारी।
चंबा। कुरांह स्थित कूड़ा संयंत्र में आग लगने के बाद अब शहर का कचरा ठिकाने लगाना नगर परिषद के लिए चुनौती बन गया है। नगर परिषद ने कूड़ा संयंत्र को जगह तलाशने के लिए पार्षदों के साथ माथापच्ची की। हालांकि, बैठक में नई जगह को लेकर सुझाव नहीं मिल पाया है। नगर परिषद के दायरे में कहीं ऐसी जगह नहीं है, जहां कूड़ा संयंत्र लगाया जा सके। बहरहाल, नगर परिषद की नजर ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ है। वर्तमान में डीआरडीए की ओर से मरेड़ी में चल रही डंपिंग साइट में ही शहर के कूड़े का निष्पादन किया जा रहा है। मंगलवार को इसी मामले को लेकर आपातकालीन बैठक बुलाई गई। इसकी अध्यक्षता नगर परिषद की अध्यक्ष नीलम नैयर ने की। बैठक में मौजूद पार्षदों से कूड़ा निष्पादन के लिए जगह चिह्नित करने के लिए मंथन किया गया लेकिन बैठक के बाद कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। बहरहाल, अब शहर की गंदगी ठिकाने लगाना नगर परिषद के लिए मुसीबत बन गया है। गौरतलब है कि कुरांह कूड़ा संयंत्र को अज्ञात लोगों ने आग के हवाले कर दिया है। नगर परिषद का कहना है कि सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है। संयंत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों को भी आग लगाने से पहले बंद किया गया है। पुलिस में नगर परिषद ने शिकायत भी दी है।
ग्रामीण इलाके में संयंत्र को लेकर हो चुका है विरोध
नगर परिषद की ओर से करीब छह साल पहले साच पंचायत में कूड़ा निष्पादित करने के लिए जगह चिह्नित की गई थी लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते यहां कूड़ा संयंत्र नहीं चल पाया। बहरहाल, इतना तो तय है कि ग्रामीण शहर की गंदगी को बर्दाश्त नहीं करेंगे और नगर परिषद के लिए यही सबसे बड़ी सिरदर्द बनने वाला है।
नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैयर का कहना है कि कूड़े को लेकर अलग जगह चिह्नित करने के लिए बैठक की गई। अभी तक कोई भी जगह फाइनल नहीं हुई है। सभी पार्षदों से सुझाव मांगे गए हैं।