चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा की सरकारी लैब में एक महीने से मरीजाें के टेस्ट शुरू नहीं हो पाए हैं। इसका कारण मशीनें खराब होना है। प्रशासन की ओर से अभी तक ये मशीने दुुरस्त नहीं करवाईं गईं हैं। मरीजों को अपने टेस्ट करवाने के लिए निजी लैबों में अधिक रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
सरकारी लैब में मरीजों के अधिकतर टेस्ट मुफ्त करने का प्रावधान है, लेकिन जबसे मशीनें खराब हुई हैं, तबसे मरीजों को टेस्ट करवाने के लिए अस्पताल में संचालित क्रस्ना या अन्य निजी लैबों में जाना पड़ रहा है। डॉक्टर के परामर्श पर जब मरीज सरकारी लैब में टेस्ट करवाने के लिए जाते हैं तो वहां पर उन्हें मशीनें खराब होने का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया जाता है। इसके बाद मरीजों के पास निजी लैबों में जाने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं रहता।
तीमारदार अशोक कुमार, हंसराज, केवल, सुनील कुमार, सुरेंद्र, देसराज और विनोद कुमार ने बताया कि इस समस्या को अभी तक सरकार का कोई विधायक या मंत्री पहुंचा और न ही विपक्ष की तरफ से भी कोई नेता नहीं हल कर पाया है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1000 के करीब ओपीडी रहती है। इसमें सभी मरीजों को डॉक्टर कोई न कोई टेस्ट करवाने का परामर्श देते हैं। सरकारी लैब में रोजाना 1,500 से 2,000 टेस्ट हो रहे थे, जो कि, अब बंद पड़े हैं।
मेडिकल कॉलेज की लैब में खराब मशीनों को जल्द ठीक करवाया जाएगा। इसके लिए एक्सपर्ट भी बुलाए गए थे। अब दोबारा मशीनों को दुरुस्त करने के प्रयास किए जाएंगे। डॉ. मानिक सहगल, प्रवक्ता मेडिकल कॉलेज