ताजा बर्फबारी के बाद पांगी के किलाड़ मुख्यालय से गुजरते लोग।
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चंबा। जिले में भारी बारिश और बर्फबारी के दूसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। जिले में 33 सड़कों पर भारी बर्फबारी और भूस्खलन के कारण वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी हुई है। वहीं, 70 ट्रांसफार्मर बंद होने से जिले के अधिकांश गांव बीते दो दिन से अंधेरे में ही डूबे हुए हैं। बिजली बंद होने से खासकर जनजातीय क्षेत्र पांगी के लोग ठिठुरने के लिए मजबूर हैं। प्रशासन ने लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने का आह्वान किया है।
गौरतलब है कि मौसम के बदले मिजाज ने लोगों की दुश्वारियों को दोबारा बढ़ा दिया है। जनजातीय क्षेत्र पांगी के किलाड़ मुख्यालय में वीरवार को भी बर्फबारी का क्रम जारी रहा। क्षेत्र में एक फीट के करीब बर्फबारी हुई है। वहीं, तीसा उपमंडल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों आयल, बणंतर, टेपा, चांजू, चरड़ा, झझाकोठी, सनवाल, तीसा में हल्की बर्फबारी का क्रम जारी रहा। भरमौर उपमंडल की मणिमहेश, कुगति, न्याग्रां चोटियों पर भी बर्फबारी का क्रम जारी रहा। चंबा उपमंडल के जोत, पौलाहणी माता, लक्कड़मंडी में शुक्रवार को करीब पांच इंच तक ताजा बर्फबारी हुई है।
पांगी में 70 बिजली ट्रांसफार्मर बंद पड़े हैं, जिन्हें दुरुस्त करने के लिए बिजली बोर्ड के कर्मी बर्फबारी में भी डटे हुए हैं। देरशाम तक बिजली सप्लाई बहाल न होने से वीरवार की रात भी लोगों को ठंड में गुजारनी पड़ी। वहीं, मौसम के बदले मिजाज से छह पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।
उपायुक्त डीसी राणा ने मौसम के बदलते मिजाज को देेखते हुए लोगों को बेवजह घरों से बाहर न निकलने और नदी-नालों का रुख न करने का आह्वान किया है।