चंबा। जमा राशि पर 12 प्रतिशत ब्याज देकर तेलका क्षेत्र के लोगों से करीब 1.50 करोड़ रुपये ठगने के आरोप में फंसी चिटफंड कंपनी के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना आरंभ कर दिया है। पुलिस विभाग की ओर से मामले की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी टीम ने तेलका में पहुंच कर कंपनी के कार्यालय से महत्वपूर्ण कागजात, कंप्यूटर हार्ड डिस्क अपने कब्जे में ली है।
साथ ही अब पुलिस टीम चिटफंड कंपनी में पैसे जमा करवाने वाले लोगों से भी पैसे जमा करवाने संबंधी दस्तावेज जैसे एफडी और आरडी के कागजात भी एकत्रित कर रहे हैं। ग्रामीण पवन, सुरेंद्र कुमार, हंसो, उतम, ठाकुर दास, राजमल, जगदीश चंद, शेर सिंह, शबीर, तेजू, दर्शन, अमर सिंह, निशा देवी, चमन, रेखा, सीता, चतरो, जालम, देवी, राजकुमार, दिनेश, संजय, बालक, सुरेश और तिलक राज आदि ने बताया कि तेलका में चिटफंड स्कैम का एक बड़ा आर्थिक घोटाला सामने आया था। एक निजी कंपनी पर आरोप है कि पैसे ठगने के लिए लोगों से लुभावने वायदे किए। इतना ही नहीं, जमा राशि पर ब्याज की दर 12 प्रतिशत देने का वायदा भी लोगों से किया गया। तेलका में पांच साल पहले निजी कंपनी की शाखा खोली गई थी। इसमें निवेशकों ने लगभग 1,50,33,500 रुपये पैसे जमा करवाए है। पैसा लौटाने के बाद कंपनी कर्मचारी क्षेत्र से रफूचक्कर हो गए। अपनी मेहनत की कमाई लूटने के बाद लोगों ने मिलकर पुलिस चौकी तेलका में प्राथमिकता दर्ज करवाई थी। पुलिस ने इस मामले को लेकर घोटालेबाजों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
तेलका चौकी प्रभारी अशोक कुमार ने कहा टीम ने कार्यालय से महत्वपूर्ण कागजात और कंप्यूटर हार्ड डिस्क अपने कब्जे में ले लिया है। लोगों से एफडी और आरडी के कागजात मंगवाने शुरू कर दिए हैं। ताकि जल्द से जल्द उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सके।
तेलका चिट फंड घोटाले क़ो लेकर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी टीम में अलग-अलग चौकी से पांच पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है। ताकि जल्दी से विभिन्न क्षेत्रों से लोगों के कागजात इकट्ठे किए जा सके। पुलिस घोटाले बाजों के खिलाफ पुख्ता सबूत इकट्ठा करने में जुट गई है। निवेशकों की मांग पर आखिरकार तेलका पुलिस चौकी में प्राथमिकता दर्ज होने के बाद अब एसआईटी का गठन किया गया है। इसके तहत पुलिस जांच में जुट गई है।
एसआईटी प्रमुख रंजन शर्मा ने बताया कि मामले की जांच के लिए पांच लोगों की टीम गठित की गई है। लोगों से एफडी, आरडी के कागजात मंगवाने शुरू कर दिए हैं। ताकि जल्द से जल्द उन्हें कोर्ट में पेश किया जा सके।