चंबा। तलाई के बाद बचा खाद्य तेल अब दुकानदारों और ढाबा मालिकों की कमाई का जरिया बनेगा। दुकानदार इसका दोबारा प्रयोग करने या फेंकने के बजाय किसी बर्तन में इसका भंडारण कर सकते हैं।
इस तेल को देने के लिए दुकानदार सूर्या एंब्रो मनुफेक्चर ऑफ बायो डीजल और ग्लाइसेल कंपनी बद्दी के साथ समन्वय स्थापित कर सकते हैं। यह कंपनी होटलों, ढाबों और फूड कार्नर में तलाई के बाद बचा हुआ तेल बायो डीजल बनाने के प्रयोग में लाएगी। कंपनी जिले के व्यापारिक प्रतिष्ठानों से हफ्ते या महीने में कम से कम एक-दो बार तेल खरीदने की व्यवस्था करेगी। कंपनी यह तेल 30 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीद सकती है। खाद्य वस्तुओं की तलाई के बाद बचे खाद्य तेल के बार-बार प्रयोग को रोकने और इसका बायो डीजल के रूप में उपयोग करने के लिए प्रशासन अलर्ट है। खाद्य तेल का बार-बार तलाई के लिए प्रयोग करना स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है। विभाग का कहना है कि खाद्य तेल को तीन बार से अधिक गर्म कर उपयोग नहीं करना चाहिए। इस प्रकार के तेल के सेवन से कई बीमारियां हो सकती हैं।
इसी के मद्देनजर बुधवार को जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले पुरुषोत्तम सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। उन्होंने कहा कि होटल, ढाबों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में खाद्य वस्तुओं की तलाई के बाद बचे खाद्य तेल के बार-बार प्रयोग को रोकने जिले में विशेष व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से इस बारे में सहयोग की अपील की। कहा कि होटल, ढाबों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों में बार-बार प्रयोग में लाए जाने वाले खाद्य तेल पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और प्रतिनिधियों से तेल की खरीद और इसके बार-बार प्रयोग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों के बारे में उपभोक्ताओं, व्यापारियों को जागरूक करने के लिए कहा।