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कूड़ा-कर्कट में बायोवेस्ट देख बिफरे ग्रामीण, लौटाई गाड़ी

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कुरांह में कूड़ा लेकर पहुंची गाड़ी। - फोटो : Chamba
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चंबा। शहर से कूड़ा-कर्कट लेकर बुधवार सुबह आठ बजे कूड़ा संयंत्र केंद्र कुरांह पहुंची गाड़ी में बायोवेस्ट होने पर बिफरे ग्रामीणों ने गाड़ी को वापस मुख्यालय भेज दिया। विरोध जताते हुए ग्रामीणों ने कहा कि नगर परिषद के एमओयू में साफ किया गया है कि केवल कूड़ा-कर्कट को छांटकर ही कुरांह स्थित संयंत्र में भेजा जाएगा। लेकिन, नियमों को दरकिनार कर गाड़ी के जरिये कूड़े-कर्कट के साथ बायोवेस्ट भी ठिकाने लगाया जा रहा है। इसे ग्रामीण कदापि बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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स्थानीय निवासी भुवनेश सिंह कटोच, राधा देवी, उमेश कुमार, लालू, रत्तो राम, नरेश, शक्ति सिंह, चमन सिंह, इशू कुमार और उत्तम ने कहा कि पहले भी नियमों को दरकिनार कर कूड़ा संयंत्र केंद्र में नगर परिषद ने टनों के हिसाब से शहर का कूड़ा-कर्कट एकत्रित किया था, जिसे रावी नदी में ठिकाने लगाया जा रहा था। इससे आसपास की सात पंचायतों गागला, मैहला, चड़ी, दाड़वी, फागड़ी और जांघी के लोगों को परेशानी हुई।
आखिरकार, ग्रामीणों ने कूड़ा संयंत्र केंद्र को बंद करवा दिया। उसके बाद प्रशासन के निर्देशानुसार नगर परिषद चंबा ने पंचायत प्रतिनिधियों, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीआरडीए के साथ एमओयू साइन किया। इसमें साफ किया गया कि कूड़ा संयंत्र केंद्र में कूड़े-कर्कट को केवल छांट कर ही भेजा जाएगा लेकिन, बुधवार को कूड़े-कर्कट के साथ अस्पताल से बायोवेस्ट लेकर गाड़ी कुरांह पहुंच गई। गाड़ी में बायोवेस्ट होने की भनक लगते ही ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने गाड़ी को वापस भेज दिया।
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गौरतलब है कि कूड़ा संयंत्र केंद्र कुरांह में कूड़े-कर्कट से खाद तैयार की जाती है। लेकिन, कूड़े-कर्कट के साथ बायोवेस्ट होने से प्लांट खराब हो सकता है।
नगर परिषद चंबा के कार्यकारी अधिकारी अक्षित गुप्ता ने कहा कि मेडिकल कॉलेज चंबा में बायोवेस्ट रखने के लिए अलग से व्यवस्था होती है। लेकिन, कुरांह पहुंची गाड़ी में बायोवेस्ट होने की उन्हें जानकारी मिली। उसके बाद गाड़ी को वापिस मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया।
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