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भोले के दरबार में लगीं भक्तों की कतारें, जलाभिषेक कर मांगीं मन्नतें

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महाशिवरात्रि के उपलक्ष पर लक्ष्मी नारायण मंदिर चंबा में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते श्रद्धालु। - फोटो : Chamba
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चंबा। वैश्विक महामारी कोरोना के दो वर्ष बाद महाशिवरात्रि का महापर्व जिलेभर के मंदिरों में धूमधाम से मनाया गया। जिले के बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर, लक्ष्मीनारायण मंदिर, बालू , सरोल, भद्रम, मुगला, कियाणी, पुखरी और मेडिकल कॉलेज के पास शिवमंदिरों में लोगों ने शीश नवाजा। ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर साहो में सुबह से ही लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया। शिवलिंग पर बिल्व पत्र और दूध अर्पित कर श्रद्धालुओं ने मन्नतें मांगी।
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मंगलवार को मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए हजारों की तादाद में श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी। इस दौरान मंदिर परिसर में ध्वजारोहण के अलावा हवन यज्ञ का आयोजन भी किया गया। वहीं, विभिन्न लोक गायकों चंबा आइडल फेम दुनी चंद राठौर और ऐंचली फेम सुभाष कौशल ने मंदिर परिसर में भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना डाला। रात्रि पहर में मंदिर में शिव नुआले (शिव विवाह) का आयोजन भी किया गया। इसी क्रम में बुधवार को मंदिर परिसर में महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। महाशिवरात्रि पर्व को लेकर मंदिर परिसर को दुल्हन की तरह सजाया गया था। ऐतिहासिक चंद्रशेखर मंदिर कमेटी के प्रधान अदीप चौणा, मंदिर कमेटी पदाधिकारी, जिप सदस्य सीमा नरयाल, जिप सदस्य मनोज कुमार ने बताया कि मंदिर में सैकड़ों शिवभक्तों ने पहुंच कर शीश नवाया।
एशिया में दूसरा सबसे बड़ा शिव लिंग
मंदिर कमेटी प्रधान अदीप चौणा ने बताया कि चंद्रशेखर मंदिर में विराजमान शिवलिंग एशिया में दूसरा सबसे बड़ा शिवलिंग है। इसके दर्शन करने के लिए भक्त दूरदराज के क्षेत्रों से पहुंचते हैं। मंदिर में शिवरात्रि पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। महाशिवरात्रि पर्व के सफल आयोजन में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों और लोगों का आभार प्रकट किया।
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श्रद्धालु चढ़ाते हैं फसल का हिस्सा
शिवरात्रि पर विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोग फसल का एक हिस्सा चंद्रशेखर मंदिर में दान करते हैं। यह परंपरा सदियों से चली आ रही है। ग्रामीण अपने खेतों में तैयार होने वाली मक्की, माश की दाल, ऊन और पैसे मंदिर में अर्पित करते हैं। लोगों की मान्यता है कि ऐसा करने से भविष्य में उनकी फसल की पैदावार में दोगुनी बढ़ोतरी होती है।
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