चंबा। गुरु अर्जुन देव महाराज के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में शहर में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जुलाहकड़ी गुरुद्वारा से शोभायात्रा और नगर कीर्तन निकाला गया।
शोभायात्रा का शुभारंभ अरदास और गुरबाणी कीर्तन के साथ हुआ। नगर कीर्तन की अगुवाई पांच प्यारों ने की। नगर कीर्तन में शामिल में संगत ने शबद कीर्तन से माहौल को भक्तिमय बना दिया। शोभायात्रा गुरुद्वारा जुलाहकड़ी से शुरू होकर शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और पड़ावों से होकर गुजरी। स्थानीय लोगों ने नगर कीर्तन का गर्मजोशी से स्वागत किया। कई जगह संगत के लिए शीतल जल, फल और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी।
आयोजकों ने बताया कि गुरु अर्जुन देव का शहीदी दिवस सिख इतिहास में विशेष महत्व रखता है। गुरु साहिब ने सत्य, न्याय और धर्म की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके जीवन और शिक्षाओं से आज भी समाज को मानव सेवा, सहिष्णुता और परोपकार की प्रेरणा मिलती है। नगर कीर्तन पूरे शहर का भ्रमण करने के बाद पुनः गुरुद्वारा जुलाहकड़ी पहुंचकर संपन्न हुआ। इसके उपरांत गुरुद्वारे में विशेष दीवान सजाया गया। अंत में अरदास के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। संगत के लिए गुरु का अटूट लंगर भी लगाया गया।