सिहुंता (चंबा)। विकास खंड भटियात की कथेट पंचायत की प्रधान को निलंबित कर दिया गया है। उपायुक्त ने हिमाचल प्रदेश पंचायती राज सामान्य अधिनियम 1994 की धारा 145 (1) (ग) गठित हिमाचल प्रदेश पंचायती राज सामान्य नियम 1997 के नियम 142 (1) (क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह कार्रवाई की।
उपायुक्त ने निलंबित आदेशों के पश्चात उनके पास पंचायत से संबंधित कोई भी अभिलेख, धन या संपत्ति होने की अवस्था में तुरंत पंचायत सचिव के पास जमा करवाने के आदेश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार ग्राम सभा बैठकों में बिना सूचित किए अनुपस्थित रहने और पंचायत के सामान्य कामकाज और अदायगियों को समय पर न निपटाने में प्रधान ने लापरवाही बरती है। मामले में 23 अप्रैल को उपायुक्त ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था। तीन मई को कारण बताओ नोटिस का उत्तर दिया गया। जवाब संतुष्टि भरा न होने और तथ्यों से परे होने के कारण उपायुक्त ने प्रधान को निलंबित किया है।
गौरतलब है कि पंचायत प्रधान ने अक्तूबर 2023 से बीस जून 2024 तक 12 बैठकों में उपस्थिति दर्ज करवाई है, जबकि 14 बैठकों से नहीं पहुंच पाईं। इस बारे में पंचायत प्रबंधन को भी सूचित नहीं किया गया। जब पंचायत प्रधान कार्यालय में उपस्थित हुईं तो पंचायत के विकास से संबंधित कोई कार्य नहीं किया। दूसरी तरफ, रोकड़ बुक में अक्तूबर 2023 से फरवरी 2024 तक कुल पांच माह के दौरान एक अदायगी वेतन चौकीदार की हुई है। इसके अलावा कोई भी भुगतान नहीं हुआ है। रोकड़ पुस्तक प्रधान की ओर से हस्ताक्षरित नहीं की गई है। इससे साफ है कि पंचायत प्रधान अपने कर्तव्यों के प्रति गंभीर नहीं हैं। उपायुक्त ने मामले की जांच के बाद यह कार्रवाई की है। उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि इस बारे में शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद पंचायत प्रधान को निलंबित किया गया है।