चंबा। पुलिस अधिकारी हितेश लखनपाल के तबादले को लेकर स्थानीय लोगों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि चिट्टा माफिया और राजनीतिक षड्यंत्र के तहत एएसपी हितेश लखनपाल का चंबा से तबादला किया गया है। दो महीने में ही उनका तबादला होना समझ के परे हैं।
धरने पर बैठे लोगों में नरेश रावत ने कहा कि जिले में चिट्टा माफिया काफी समय से है, लेकिन आज तक ऐसी कोई बड़ी कार्रवाई देखने को नहीं मिली, जो कि पिछले दो महीने में देखने को मिली है। 20 ग्राम चिट्टा पहली बार चंबा में पकड़ा गया। इसका पूरा श्रेय एएसपी को जाता है।
उनके मार्ग दर्शन में पुलिस की टीमों ने यह कामयाबी हासिल की। उन्होंने देर रात को होटलों में चलने वाले शराब के धंधे को भी बंद करवाया। इससे पहले इसके खिलाफ किसी भी पुलिस अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की। ऐसे में उनका तबादला होना कहीं न कहीं चिट्टा माफिया ओर राजनीतिक षड्यंत्र से जुड़ा हुआ है।
लोगों ने मांग की है कि यदि सरकार ने उनका तबादला रद्द नहीं किया तो जिले की जनता एकमत होकर आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।