चंबा। मौसम के बदले तेवरों ने चुराह उपमंडल के ऊपरी क्षेत्रों के किसानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। शनिवार रात ऊपरी क्षेत्रों में ताजा बर्फबारी होने से किसानों की मटर और मक्की की फसल पूरी तरह से तबाह हो गई है। क्षेत्र में ज्यादातर किसान मटर की खेती करते हैं। बर्फबारी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। किसानों को अपने परिवारों के पालन पोषण की चिंता सताने लगी है।
चुराह क्षेत्र में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। अक्तूबर माह में मटर की फसल तुड़ान के लिए तैयार होती है। लेकिन, तुड़ान से पहले ही मटर की खेती को नुकसान हो गया है। बर्फबारी के बाद मटर की फसल पूरी तरह से खराब हो गई है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से हरसंभव सहायता प्रदान करने की मांग उठाई है।
किसानों किशोरी लाल, जन्म सिंह, परसराम, हेमराज, करमु, देवी राम, अमित ठाकुर, रूप सिंह महेंद्र सिंह, मान सिंह, जयदयाल, ज्ञान सिंह, निहाल सिंह, ध्यान सिंह, राकेश कुमार का कहना है कि ऊपरी क्षेत्रों में बर्फबारी से मटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
प्रधान टेपा ध्यान सिंह का कहना है कि पूरी पंचायत में मटर व मक्की की फसल अभी खेतों में ही है। जो बर्फबारी की चपेट में आने से पूरी तरह से नष्ट हो गई है। किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। कहा कि पहाड़ी इलाकों में साल में एक ही फसल होती है।
बाक्स
इन पंचायतों में हुआ नुकसान
उपमंडल की टेपा, घुलेई, बैरागढ़, गुईला, जुंगरा, खजुआ, खुशनगरी, देवीकोठी, भराड़ा आदि पंचायतों में बर्फबारी के कारण मटर की फसल खराब हुई है। किसानों के अनुसार चुराह में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।