चंबा में बैठक में मौजूद हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड यूनियन के कर्मचारी। संवाद
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चंबा। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार वेतन विसंगतियों को जल्द दूर करे अन्यथा कर्मचारियों को वेतन संशोधन का उचित लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा अगले वेतनमान संशोधन में प्रदेश का कर्मचारी पंजाब के समकक्ष कर्मचारी से बहुत पीछे रह जाएगा। बिजली बोर्ड कार्यालय में आयोजित सम्मेलन के दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि 1 अक्तूबर 2012 से बढ़े हुए वेतन का लाभ उस पद पर दो साल का सेवाकाल पूरा करने पर प्रदान करने की शर्त गैर कानूनी है।
इससे कर्मचारियों को पदोन्नति के लाभ से वंचित रखा गया है। बहुत कर्मचारी इस दो वर्ष की शर्त के बीच ही सेवानिवृत्त हो गए हैं। लेकिन उन्हें बढ़े हुए वेतन के लाभ के बिना ही सेवानिवृत्ति पर घर भेज दिया गया है। उन्होंने प्रदेश सरकार से वेतन संशोधन में चल रही सभी वेतन विसंगतियों को तुरंत दूर करने की मांग की है। इसके अलावा सरकार से पुरानी पेंशन बहाली और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्थायी नीति बनाने के बारे में भी सरकार से गुहार लगाई। इस मौके पर यूनियन के पदाधिकारी कामेश्वर शर्मा, पंकज परमार, मुकेश कुमार, अनिल वर्मा, नीतीश कुमार, प्रताप चंद, आत्मा राम आदि उपस्थित रहे।