पांगी (चंबा)। राष्ट्रीय स्तर के जनजातीय नृत्य महोत्सव में पांगी घाटी की महिलाओं ने अपनी संस्कृति की छठा बिखेरी। हिमाचल की तरफ से पांगी की महिलाओं ने इस महोत्सव में भाग लिया। ओडिशा में 13 मार्च को आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव में देश के 12 राज्यों के जनजातीय समुदायों ने अपने-अपने क्षेत्र की संस्कृति को नृत्य और गीत के जरिये उजागर किया।
पांगी घाटी के तीन महिला मंडलों ने प्रतियोगिता में भाग लेकर जहां पांगी घाटी की संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया तो वहीं घाटी का नाम भी रोशन किया। महिलाओं ने महोत्सव के मंच पर पारंपरिक वेशभूषा पहनकर लोकनृत्य पेश किया। पंगवाली भाषा में गाए गीत पर महिलाओं ने मनमोहक नृत्य पेेश किया। नृत्य के जरिये महिलाओं ने पांगी घाटी की संस्कृति को उजागर करने का प्रयास किया। मंच पर विराजमान गण्यमान्य लोगों ने महिलाओं की प्रस्तुति की काफी सराहना की। पांगी कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. प्रोमिला ठाकुर और नरेंद्र ठाकुर ने तीन महिला मंडलों के दल की अगुवाई की। जनजातीय क्षेत्र पांगी के पारोही, महालियत और कवास के महिला मंडलों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया। आवासीय आयुक्त पांगी अजय कुमार यादव ने बताया कि पांगी की महिलाओं ने राष्ट्रीय स्तर के महोत्लव में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसके लिए उन्होंने सभी महिलाओं को हार्दिक शुभकामनाएं भी दी हैं।