चुवाड़ी अस्पताल में पीलिया के रोगियों के होने का खुलासा होते ही सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग में हडंकप मच गया। सोमवार सुबह ही विभाग की पूरी टीम अस्पताल पहुंच गई और हालात का जायजा लिया।
इस दौरान पीलियाग्रस्त मरीजों से विभागीय अधिकारियों ने बात की और उनके रोगग्रस्त होने का कारण जानना चाहा। इतना ही नहीं जिन मरीजों को हालत स्थिर होने के बाद छुट्टी दे दी गई है उनसे भी आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता ने फोन पर बात की। इसके बाद चुवाड़ी में सप्लाई हो रहे पेयजल भंडारण टैंक की सफाई की गई। विभाग ने दोनों टैंकों को पूरा खाली किया और उसके अंदर सफाई करने के बाद उसमें पानी भरा। इस पानी में क्लोरीन की गोलियां डाली गई हैं।
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता कुलदीप सिंह ने बताया कि चुवाड़ी अस्पताल में पीलिया के रोगी पंजीकृत हुए हैं। ये सभी रोगी अलग-अलग जगह से हैं और उनसे बीमारी के संबंध में बातचीत की गई है। उन्होंने कहा कि इन मरीजों को पीलिया पानी की वजह से हुआ है या नहीं इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। लेकिन सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर पर एहतियात बरतते हुए भंडारण टैंकों की सफाई कर दी है और पूरे उपमंडल में पेयजल योजनाओं में क्लोरीन और ब्लीचिंग डालने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
उधर, चुवाड़ी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राजीव का कहना है पीलिया ग्रस्त मरीजों की हालत में सुधार हुुआ है। जिसकी वजह से कुछ मरीजों को छुट्टी दे दी गई है। सोमवार को पीलिया का कोई नया मामला फिलहाल सामने नहीं आया है।