पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में पंचायत समिति की बैठक का समिति के सदस्यों ने उस समय बहिष्कार कर दिया जब विभागीय अधिकारी बैठक में उपस्थित नहीं हुए। पंचायत समिति सदस्यों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों के बैठक में न आने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। जबकि लोग समस्याओं का निदान करवाने के लिए बार-बार उन्हें परेशान करते हैं। बैठक में जब इन मुद्दों को उठाया जाता है तो बैठक में अधिकारी नदारद रहते हैं। यही कारण है कि समिति सदस्यों ने बैठक में भाग लेने के बजाय उसका बहिष्कार कर दिया। सभी सदस्यों ने बैठक में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी जाहिर की। इसके साथ ही गत बैठक का लेखाजोखा भी अधिकारी प्रस्तुत नहीं कर पाए। ऐसे में पंचायत समिति सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार करने का फैसला लिया।
पंचायत समिति की अध्यक्ष आशा किरण ने कहा कि पंचायत समिति की जब भी बैठक होती है तो अधिकतर अधिकारी बैठक में भाग लेना जरूरी नहीं समझते। इससे क्षेत्र में विकास कार्यों की समीक्षा नहीं हो पाती। पिछली दो बैठकों से अधिकारी अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करवा रहे हैं। इसके चलते बैठकों में शामिल एजेंडे अधूरे रह रहे हैं। सबसे अहम वन विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बैठक से अपना किनारा कर रहे हैं।
पंचायत समिति उपाध्यक्ष बांग टशी, पंचायत समिति सदस्य राकेश कुमार, अंजना कुमारी, बबिता कुमारी, संती, सुनीता कुमारी, बीना कुमारी, तब्बू, किशन कुमार और सतीश राणा का कहना है कि प्रशासन की ओर से भी अधिकारियों को बैठक में भाग लेने के बारे में आदेश नहीं दिए जा रहे हैं। इसके चलते अधिकारी बैठक में नहीं पहुंच रहे हैं। इस दिशा में प्रशासन को उचित कदम उठाने की जरूरत है। कहा कि पांगी में विकास खंड अधिकारी का पद भी खाली है। ऐसे में पंचायत समिति सदस्यों सहित पंचायत प्रधानों और उपप्रधानों को कार्य करवाने में दिक्कत हो रही है।