चंबा। ग्राम पंचायत रजेरा और बैली में एक दर्जन गांव के लोग मटमैला पानी पीने के लिए मजबूर हैं। जलशक्ति विभाग इन लोगों की समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा है। ग्रामीण साफ पानी मुहैया करवाने को लेकर कई बार विभागीय अधिकारी को अवगत करवा चुके हैं लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। मटमैला पानी पीने की वजह से गांव में कई लोग पेट की बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। ग्रामीण नलों को जब भी खोलते हैं तो उनमें से मटमैला पानी बहने लगता है। ग्राम पंचायत रजेरा और बैली के खपाडू, ककला, थलोल, टिकरा करूंई, कुकनार, टिकरा, थल्ला, फाट, बैली और थलोल-दो गांवों में कई माह से समस्या चल रही है।
ग्रामीणों जय किशन, पवन कुमार, भिंद्र सिंह, कैलाश चंद, तिलक राज, भानो, हर्ष कुमार और नरेश कुमार ने बताया कि घरमाणी नाले से गांवों में पानी की आपूर्ति होती है। कुछ माह से मटमैले पानी की आपूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि घरमाणी से कड़पेई के लिए सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है। सड़क कटिंग का मलबा पेयजल स्रोत में फेंका जा रहा है। इससे भी पानी मटमैला हो रहा है। उन्होंने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि लोगों के घरों में साफ पानी की आपूर्ति करवाई जाए। जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता राजिंद्र सिंह ने बताया कि जल्द समस्या का समाधान करवाया जाएगा।