चंबा। भरमौर-पठानकोट हाईवे पर भूस्खलन संभावित मैहला पहाड़ी के दरकने का अब खतरा नहीं रहेगा। इसका स्थायी समाधान होने जा रहा है।
200 मीटर के दायरे में फैली भूस्खलन संभावित पहाड़ी से गिरने वाली मिट्टी को हटाकर वहां पौधे रोपे जाएंगे। इसके साथ ही भूस्खलन को रोकने के लिए वहां रॉक सीमेंट का स्प्रे किया जाएगा। इससे एनएच पर चलने वाले वाहन चालकों को खतरा नहीं रहेगा। फ्रांसीसी विकास एजेंसी के अधिकारियों, एनआईटी हमीरपुर और एनएचपीसी के भू-वैज्ञानिकों के परामर्श पर एनएच मंडल चंबा ने 4 करोड़ 58 लाख का आकलन तैयार कर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण शिमला को उपायुक्त डीसी राणा के माध्यम से भेज दिया है। इसे मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव तैयार कर सरकार को स्वीकृत के लिए भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि मैहला के पास पहाड़ी दरकने से कई बार हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप पड़ जाती है। कुछ माह पहले भी पहाड़ी का एक हिस्सा दरकने से कई दिनों तक एनएच बंद रहा। इस दौरान एनएच प्रबंधन समेत प्रशासनिक टीमों ने भी मौके पर पहुंचकर लोगों की सुविधा के लिए आवश्यक कदम उठाए। जिला प्रशासन ने समस्या का स्थायी हल तलाशने के लिए एनएच प्रबंधन को निर्देश दिए। इस दौरान कई विशेषज्ञों ने यहां पर निरीक्षण कर अपनी राय प्रशासन और एनएच मंडल को दी।
इसके तहत एनएच मंडल ने कार्य योजना बनाई। इसके तहत भूस्खलन संभावित क्षेत्र का स्थायी हल निकालते हुए पहाड़ी पर रॉक सीमेंट स्प्रे करने, आवश्यकतानुसार पहाड़ी से प्रेशर के जरिये मिट्टी को हटाकर वहां पौधे लगाने और हाईवे के किनारे 120 मीटर लंबा डंगा लगाने का निर्णय किया गया। एनएच मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने इसकी पुष्टि की है।