कोविड काल के दो सालों में पहली बार जिले के सभी कोविड केयर सेंटर खाली हो गए हैं। डीसीएच चंबा समेत अन्य किसी भी अस्पताल के कोविड केयर सेंटर में कोरोना मरीज नहीं है। कोविड केयर सेंटरों में मरीजों की सुविधा के लिए लगाए वेंटिलेटर भी खाली हैं। ऑक्सीजन प्लांट से कोविड केयर सेंटरों को ऑक्सीजन की जरूरत नहीं पड़ रही है। इसके चलते जिले में अब ऑक्सीजन का खतरा भी नहीं है।
सरकार ने दो सालों में कोरोना मरीजों की सुविधा के लिए चंबा में पांच ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए है। इस समय में ऑक्सीजन प्लांट अस्पताल में भर्ती सामान्य मरीजों को जरूरत के समय ऑक्सीजन मुहैया करवा रहे हैं। जिले के तीन लाख से अधिक लोगों का कोरोना रोधी टीकाकरण हो चुका है। इसके चलते लोग कोरोना संक्रमण से खुद को सुरक्षित बना चुके हैं। यही कारण है कि जिले में अब कोविड के नए मामले आना बंद हो रहे हैं। रोजाना दो से तीन मरीज जिले भर में निकल रहे हैं। इन मरीजों में कोरोना का ज्यादा खतरा भी नहीं है।
कोरोना के 16 मरीज बचे
कोविड काल में जिले के कोविड केयर सेंटरों में कोरोना मरीजों को रखने के लिए बिस्तर कम पड़ रहे थे। जैसे ही प्रदेश में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। उसके बाद इन सेंटरों में मरीजों की संख्या में भी कमी आने लगी। जिले में 16 कोरोना मरीज बचे हैं। ये सभी मरीज होम आइसोलेट हैं। ये मरीज गंभीर लक्षणों से ग्रसित नहीं है।
कोविड केयर सेंटर खाली
कोविड काल में मरीजों की सुविधा के लिए जिले में आठ कोविड केयर सेंटर बनाए थे। इसमें डीसीएचसी चुवाड़ी में 40 बिस्तर की सुविधा थी। डीसीसीसी पांगी में 16, तीसा में 30, होली में 20, डाइट सरू में 120, सुरंगानी में 30, डलहौजी में 50, डीसीएच चंबा में 80 बिस्तर कोरोना मरीजों के लिए लगाए थे। इस समय ये सभी कोविड केयर सेंटर खाली हैं। जिन विभागों से कोविड केयर सेंटर के लिए भवन लिए थे। उन वापस किया जा चुका है।
कोरोना मुक्ति की ओर जिला : डॉ. पुरी
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि टीकाकरण अभियान से लोगों को कोरोना से लड़ने की शक्ति मिली है। जिले के सभी कोविड केयर सेंटर खाली पड़े हैं। जिस संख्या में पहले कोरोना के मरीज निकल रहे थे। उतनी संख्या में मरीज नहीं निकल रहे हैं। जिला कोरोना मुक्त होने के करीब पहुंच चुका है।