सड़क के िलए उखाड़े गए हरे-भरे पेड़।
डलहौजी (चंबा)। एक ओर प्रदेश सरकार वन महोत्सव के तहत जंगलों को हरा-भरा बनाने के प्रयास में डटी है। वहीं, दूसरी तरफ नगर परिषद डलहौजी हरे-भरे पेड़ों को सड़क निर्माण की बलि चढ़ाकर सरकार के अभियान को विफल बनाने में लगी है। शुक्रवार को नगर परिषद ने बस अड्डा डलहौजी से लेकर कथलग तक सड़क को चौड़ा करने का कार्य शुरू किया। इस दौरान जेसीबी चलाकर हरे-भरे सौ से ज्यादा वान के पेड़ों को जड़ों समेत उखाड़ दिया गया।
इसके प्रमाण सड़क किनारे पड़े पेड़ हैं। इसके अलावा जो पेड़ जमीन पर खड़े हैं, उनकी जड़ें भी कमजोर हो चुकी हैं। इसकी वजह से बारिश होने पर ये कभी भी धराशायी हो सकते हैं। हैरानी इस बात की है कि जिस स्थान पर वान के पेड़ों को अंधाधुंध तरीके से उखाड़ा गया है वहां पर कुछ दिन पहले ही नगर परिषद के चुने हुए नुमाइंदों ने पौधरोपण करके पौधों की रखवाली का संदेश दिया था। लेकिन, अब लोगों को संदेश देने वाले नुमाइंदे ही हरे-भरे पेड़ों को बलि चढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जिस स्थान पर वान के पेड़ उखाड़े गए हैं, वह वार्ड नगर परिषद अध्यक्ष का है। ऐसे में यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि चुने हुए नुमाइंदों की शह पर यह कार्य करवाया जा रहा है।
डलहौजी में अगर किसी को भी कोई भवन निर्माण कार्य करना हो तो पहले नप की बैठक में उसकी अनुमति लेनी पड़ती है लेकिन सड़क को चौड़ा करने के लिए बिना अनुमति ही कार्य चला दिया गया। सड़क को चौड़ा करने के लिए नप की बैठक में किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई है। ऐसे में जेसीबी चलाकर सड़क को चौड़ा करने के नाम पर सौ से ज्यादा पेड़ों की बलि देना कहीं से भी तर्कसंगत नहीं है। स्थानीय लोग इस अवैध कटान को लेकर उच्चस्तीय जांच करवाने की मांग कर रहे हैं। साथ ही इसमें दोषी निकलने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
उधर, नप की ईओ राखी कौशल ने माना है कि सड़क को चौड़ा करने का काम किया जा रहा है।
एसडीएम डलहौजी जगन ठाकुर ने बताया कि उनके ध्यान में यह मामला अभी लाया गया है। मामले की जांच करके उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।