मनेरगा कार्य में धांधली की शिकायत पर पुलिस ने एक महिला जिला परिषद सदस्य के अलावा पंचायत के अन्य नुमांइदों समेत कुल सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। यह मामला भगत राम पुत्र बुधिया राम निवासी भड़ियां कोठी की शिकायत पर दर्ज हुआ है।
भगत राम ने खंड विकास अधिकारी मैहला को वर्ष 2008 से 2012 के दौरान पंचायत नुमाइंदों द्वारा मनरेगा फंड के दुरुपयोग की शिकायत दी थी। इस मामले में सूचना अधिकार के माध्यम से तथ्य जुटाने के बाद भगत राम ने इन्हें जिला प्रशासन व खंड विकास अधिकारी के समक्ष पेश किया। इन तथ्यों की पड़ताल होने के बाद खंड विकास अधिकारी मैहला ने भगत राम की शिकायत को पुलिस में दे दिया और सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने का आह्वान किया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भादंसं की धारा 420, 467, 478, 471, 120बी व 13(2) पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जिसकी पुष्टि डीएसपी वीर बहादुर ने की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में साच वार्ड की जिप सदस्य, भड़ियां के पूर्व प्रधान, पूर्व पंचायत समिति सदस्य, जटकरी पंचायत के पूर्व प्रधान, उटीप पंचायत के पूर्व प्रधान, महिला मेट व एक कामगार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों से पूछताछ की जाएगी और पुलिस सभी तथ्यों का पता लगाएगी।
जिप सदस्य के लिए सभी पंचायतों की निगरानी संभव नहीं
इस संबंध में साच वार्ड की जिप सदस्य इंदिरा कपूर का कहना है कि जिला परिषद के पास बहुत बड़ा क्षेत्र होता है और एक समय में सभी कामों की निगरानी संभव नहीं है। ऐसे में पंचायत नुमाइंदों या फिर कार्य की निगरानी कर रहे लोगों का दायित्व बनता है कि वे धांधली पर नजर रखें। उन्होंने कहा कि उन्होंने पद का दुरुपयोग नहीं किया है और किसी भी जांच के लिए तैयार हैं।