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कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज को मिली करोड़ों की मशीनरी

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चंबा। कोरोनाकाल में मेडिकल कॉलेज चंबा का भवन निर्माण कार्य सहित करोड़ों की लागत से मशीनरी स्थापित की गई। वर्ष 2017 में सिविल अस्पताल में मेडिकल कॉलेज को शुरू किया गया। भवन न होने पर अखंड चंडी भवन में एमबीबीएस प्रशिक्षुओं की कक्षाएं आरंभ करवाई गईं। कोरोना काल में सरोल स्थित जमीन का चयन कर वहां मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर आरंभ करवाया गया। सरोल में तीन सौ करोड़ के भवन का 60 प्रतिशत काम हो चुका है। इसमें सितंबर तक शिफ्ट करने की योजना है। विदेशों से 20 करोड़ की राशि से लाई गई सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनरी को मेडिकल कॉलेज चंबा में स्थापित करवाया गया, जिसका लाभ मरीजों को आने वाले समय में मिलेगा।
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कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज चंबा और क्षय रोग अस्पताल में 300 और 400 एमपीएल क्षमता के दो ऑक्सीजन प्लांट और 800 सिलिंडर क्षमता के दो लिक्विड प्लांट स्थापित किए गए। क्षय रोग अस्पताल में बनाए गए डीसीएच में बेड टू बेड मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध करवाने के लिए पाइप लाइनें बिछाई गईं। मेडिकल कॉलेज के भवन के साथ ही नए भवन का निर्माण करवाया गया, जहां ऑर्थो और मेडिसिन के वार्ड और दो ओटी संचालित हैं। मेडिकल कॉलेज में मरीजों की देखरेख और तैनात स्टाफ पर नजर रखने के लिए 30 सीसीटीवी कैमरे कोविड अस्पताल सहित हर वार्ड में स्थापित किए गए हैं। चिकित्सा अधीक्षक के कार्यालय से इनका संचालन होता है। फैकल्टी के स्वीकृत 212 पदों में से अब तक महज 101 पद ही भरे हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा खुलने से विधानसभा क्षेत्र चंबा, चुराह, डलहौजी, भटियात, भरमौर-पांगी की पौने छह लाख की आबादी को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। मेडिकल कॉलेज चंबा में अब 2200 से 2500 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रमेश भारती ने कहा कि मेडिकल कॉलेज भवन का कार्य 60 प्रतिशत पूरा हो चुका है। जल्द नए भवन में कुछ ब्लॉक शिफ्ट किए जाएंगे। सरकार से चिकित्सकों के पदों को भरने के बारे में पत्राचार किया जा रहा है।
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