चंबा के भरमौर मणिमहेश डल झील पर डूबकी लगाने के लिए खड़े श्रधालू।स्त्रोत:संवाद
भरमौर(चंबा)। छोटे शाही स्नान के साथ मणिमहेश यात्रा आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुकी है। चंबा से भरमौर और भरमौर से हड़सर की तरफ जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को सैकड़ों शिव भक्त भरमौर से डल झील के लिए रवाना हुए जबकि भद्रवाह और जम्मू के अन्य क्षेत्रों से आए शिव भक्त वीरवार और शुक्रवार को छोटा स्नान करके वापस लौट गए। अब बड़े शाही स्नान यानी राधाष्टमी को जम्मू से शिव भक्तों के बड़े जत्थे पहुंचेंगे, जो कि बड़े स्नान से तीन या चार दिन पहले चंबा पहुंच सकते हैं।
हालांकि छोटे शाही स्नान से तीन दिन पहले मणिमहेश में तीन से चार इंच तक बर्फबारी हुई थी, लेकिन बर्फबारी के दौरान भी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई। हिमाचल में आपदा के कारण मणिमहेश में कम श्रद्धालुओं के जाने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन जिस संख्या में रोजाना शिव भक्त मणिमहेश के लिए कूच कर रहे हैं। उसे देख यही लग रहा है कि आपदा के कारण लोगों की आस्था पर कोई भी असर नहीं पड़ा है। मणिमहेश यात्रा के दौरान शिव भक्तों का मौसम इस बार पूरी तरह से साथ दे रहा है। आसमान में रोजाना धूप खिल रही है। इसके चलते श्रद्धालुओं को मणिमहेश आने जाने में कोई परेशानी नहीं हो रही है।
पड़ोसी राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु
पंजाब सहित अन्य पड़ोसी राज्यों से श्रद्धालु रोजाना मणिमहेश के लिए प्रस्थान कर रहे हैं। ये श्रद्धालु या तो दोपहिया वाहन या चार पहिया वाहनों में सवार होकर जा रहे हैं। इसके अलावा बसों में सफर करके मणिमहेश जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर परिवहन निगम अतिरिक्त बसें भी चला सकता है। इसके लिए निगम ने पहले ही व्यवस्था कर रखी है। वहीं, निजी बस ऑपरेटर भी यात्रा के दौरान अनुमति लेकर अपनी बसें चलाने की योजना बना रहे हैं।