चंबा। जिला मुख्यालय में नगर परिषद चंबा के चौगान वार्ड के कश्मीरी मोहल्ले पर भूस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार रात को मोहल्ले के साथ पहाड़ी में भूस्खलन होने के बाद कुछ घर बिलकुल मुहाने पर पहुंच चुके हैं। ऐसे में एहतियात के तौर पर प्रशासन ने घरों को खाली करवा दिया है। इनमें से पांच घरों के परिवार नगर परिषद के जंजघर में पहुंच गए हैं।
जानकारी के अनुसार मंगलवार रात को नगर परिषद के चौगान वार्ड के साथ भूस्खलन होने के बाद बुधवार को एसडीएम चंबा अरुण शर्मा ने कश्मीरी मोहल्ले का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मोहल्ले के लोगों को बताया कि बरसात में यहां रहना खतरनाक साबित हो सकता है, इसलिए वह अपना जरूरी सामान लेकर नगर परिषद के जंज घर में चले जाएं। जहां पर उनके रहने-खाने की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि बारिश थमने के उपरांत प्रशासन भूस्खलन को रोकने के लिए भी उचित कदम उठाएगा। वहीं, प्रशासन की चेतावनी और भूस्खलन से पैदा हुए खतरे को देखते हुए रमेश कुमार, मुनव्वर बेग मिर्जा, आशा आंनद, विक्टर मसीह, जॉन मसीह के परिवार अपना सामान उठाकर नगर परिषद के जंज घर में शिफ्ट हो गए हैं।
शहर वासी संदीप शर्मा ने बताया कि 1975 से कश्मीरी मोहल्ला में भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। दो घर पहले भी इसकी जद में आ चुके हैं और कुछ परिवार यहां से पलायन कर गए हैं। सरकार और प्रशासन को मोहल्ले को भूस्खलन से बचाने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि मोहल्ले के साथ गहरी खाई है जो सीधे रावी नदी में जाकर मिलती है। जहां पर रुक-रुक भूस्खलन का क्रम जारी है।
नागरिक उपमंडल अधिकारी अरुण शर्मा ने बताया कि खाई के साथ सटे घरों में रहने वाले परिवारों को बारिश के दौरान अपने घरों में न रहने की हिदायत दी गई है। बरसात में यहां रहना किसी खतरे से खाली नहीं हैं। यहां के परिवारों के रहने के लिए नगर परिषद चंबा के हॉल में व्यवस्था की गई है। बारिश थमने के बाद भूस्खलन को रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।